देश की खबरें | विज्ञान में और निवेश के लिए नीति आयोग मजबूत पक्ष रख रहा है : वी के पॉल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोरोना वायरस महामारी ने दिखाया है कि विज्ञान ‘जीवन, आजीविका और विकास’ के लिए कितना महत्वपूर्ण है और नीति आयोग विज्ञान में निवेश बढ़ाने के लिए मजबूत पक्ष रख रहा है। यह जानकारी सोमवार को आयोग के सदस्य वी. के. पॉल ने दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, नौ नवंबर कोरोना वायरस महामारी ने दिखाया है कि विज्ञान ‘जीवन, आजीविका और विकास’ के लिए कितना महत्वपूर्ण है और नीति आयोग विज्ञान में निवेश बढ़ाने के लिए मजबूत पक्ष रख रहा है। यह जानकारी सोमवार को आयोग के सदस्य वी. के. पॉल ने दी।

वह एक वेबिनार में पहले प्रोफेसर एम. के. भान स्मारक व्याख्यान में बोल रहे थे। भान बायोटेक्नोलॉजी विभाग में सचिव थे।

यह भी पढ़े | शर्मनाक! UP में 10 साल की बच्ची के साथ कथित रूप से बलात्कार का प्रयास, आरोपी गिरफ्तार.

पॉल ने कहा कि थिंक टैंक चाहता है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी (एस एंड टी) सरकार की प्राथमिकता में ‘‘पहले से ज्यादा’’ रहे।

उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने कई नीतियां तैयार की हैं जिनका उद्देश्य सांस्थानिक गति, क्षमता और संसाधन आधार तैयार करना है।

यह भी पढ़े | वाहन विक्रेताओं के संगठन FADA ने कहा- यात्री कारों की खुदरा बिक्री अक्टूबर माह में 9 प्रतिशत घटी.

अधिकारी ने कहा, ‘‘हम विजय राघवन (सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार) और मेरे सहकर्मी (विजय कुमार) सारस्वत जो सदस्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी हैं... हम तीनों सांस्थानिक गति, क्षमता और संसाधन आधार तैयार करने पर गौर कर रहे हैं।’’

पॉल एक सवाल का जवाब दे रहे थे कि नीति आयोग अनुसंधान को बढ़ावा देने और युवा शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए क्या कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने नेतृत्व के समक्ष मजबूती से पक्ष रख रहे हैं कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में निवेश बढ़ाया जाए और जैव विज्ञान में भी निवेश बढ़ाया जाए। विज्ञान में भी निवेश बढ़ाया जाए जिसे ज्यादा बजट नहीं मिल पा रहा है।’’

पॉल ने कहा, ‘‘यह हमारे एजेंडा में है और जैसा कि मैंने कहा कि हमने नीति व्यवस्था में पूरी ताकत लगा रखी है और आने वाले समय में इसे आगे ले जाना चाहते हैं।’’

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि युवा लोगों के लिए भी निवेश की जरूरत है और उन्हें अंतर विषयक क्षेत्रों में काम करने का अवसर प्रदान कर ऐसा किया जा सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\