देश की खबरें | एनआईए ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच के लिए मामला दर्ज किया, सबूतों की तलाश तेज की
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नयी दिल्ली, 27 अप्रैल राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच अपने हाथ में ले ली है और आतंकी साजिश का पता लगाने के लिए सबूतों की तलाश तेज कर दी है तथा प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आतंकवाद रोधी एजेंसी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद रविवार को जम्मू में मामला दर्ज किया और कई टीम जांच में जुटी हैं।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार दोपहर को नृशंस आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद स्थानीय पुलिस की सहायता के लिए एनआईए के महानिरीक्षक (आईजी) के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल पर भेजी गई है।
उन्होंने बताया कि एनआईए की टीम सबूत जुटाने के लिए बुधवार से ही आतंकी हमले वाली जगह पर डेरा डाले हुए हैं।
एनआईए के एक बयान में कहा गया, ‘‘एनआईए की टीम आतंकवादियों के बारे में सुराग हासिल करने के लिए प्रवेश और निकास बिंदुओं की गहन जांच कर रही हैं। फॉरेंसिक और अन्य विशेषज्ञों की सहायता से टीम पूरे इलाके की गहन जांच कर रही हैं, ताकि उस आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके, जिसके कारण यह भयावह हमला हुआ। इस हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया है।’’
कश्मीर में हुए सबसे भीषण आतंकवादी हमलों में से एक को अंजाम देने वाले घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए प्रत्यक्षदर्शियों से भी बारीकी से पूछताछ की जा रही है।
एनआईए के बयान के अनुसार आतंकवाद रोधी एजेंसी के एक महानिरीक्षक, एक उपमहानिरीक्षक और एक अधीक्षक की निगरानी में गठित टीम जम्मू-कश्मीर में पहलगाम की बैसरन घाटी में मंगलवार को हुए हमले के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही हैं।
लक्षित हमले में आतंकवादियों के एक समूह ने भोजनालयों के आसपास बैठे, टट्टू की सवारी कर रहे या अपने बच्चों और माता-पिता सहित अपने परिवारों के साथ ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहे जाने वाले घास के मैदान में पिकनिक मना रहे पर्यटकों की हत्या कर दी थी।
अधिकारियों ने बताया कि एनआईए अधिकारियों की अलग-अलग टीम आतंकवादी हमले में जीवित बचे लोगों से जानकारी लेने के लिए देश भर का दौरा कर रही हैं। बताया जा रहा है कि यह हमला पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) द्वारा कराया गया था।
उन्होंने बताया कि एनआईए की टीम ने महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में पीड़ितों के परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए हैं।
उन्होंने बताया कि इस नृशंस आतंकवादी हमले की प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि इसमें शामिल आतंकवादियों की संख्या पांच से सात तक थी। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों को पाकिस्तान में प्रशिक्षण प्राप्त कम से कम दो स्थानीय आतंकवादियों से भी मदद मिली थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने हमले में संलिप्तता के संदेह में तीन आतंकवादियों के रेखाचित्र जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि तीनों पाकिस्तानी हैं और इनके नाम आसिफ फौजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा हैं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवादियों के बारे में सूचना देने वाले को 20-20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
अधिकारियों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि जांच से पता चला है कि आतंकवादियों ने अपने बर्बर कृत्य को रिकॉर्ड करने के लिए ‘बॉडी कैमरों’ का इस्तेमाल किया था।
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