नयी दिल्ली, आठ सितंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक समिति को निर्देश दिया कि वह जांच करके सूचित करे कि नगर निकायों द्वारा सार्वजनिक पार्कों में बागवानी के लिए कहीं भूजल का उपयोग तो नहीं किया जा रहा है।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए के गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने पुष्टि करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के अधिकारियों से पूछा कि क्या पार्क में शोधित पानी की आपूर्ति की जा रही है?
पीठ ने कहा, '' समिति अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर ई-मेल के जरिए सौंप सकती है। आवेदक सीपीसीबी और डीपीसीसी को कागजात पेश कर सकता है और एक सप्ताह के भीतर सेवा का हलफनामा दाखिल कर सकता है।''
इससे पहले एनजीटी ने निवासियों, डीडीए, दक्षिण दिल्ली नगर निगम और जल बोर्ड को बागवानी के लिए शुद्ध पानी का उपयोग करने से रोक दिया था।
पीठ सेवानिवृत्त रियर एडमिरल ए पी रेवी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने वसंत कुंज में बागवानी और अन्य उद्देश्यों के लिए सीवेज के शोधित जल की आपूर्ति करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था ताकि उन्हें शुद्ध पानी का उपयोग नहीं करना पड़े।
आवेदक ने इस संबंध में डीडीए/एमसीडी के 26 अक्तूबर 2017 के आदेशों को लागू करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
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