देश की खबरें | एनजीटी ने सीपीसीबी से पूछा, अमेजन, फ्लिपकार्ट के खिलाफ क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई
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नयी दिल्ली, 20 जून राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि वह प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों के उल्लंघन को लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाइयों से उसे अवगत कराए।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में पर्यावरण संरक्षण कानून, 1986 और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों के प्रावधानों के अनुरुप क्या दंडात्मक कदम उठाए गए हैं, इसका जिक्र नहीं है।

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एनजीटी का कहना है कि दंडात्मक कार्रवाई में न्यायिक प्रक्रिया या फिर ‘प्रदूषण फैलाने वाला जुर्माना’ भरे के सिद्धांत पर उनसे जुर्माना वसूला जाना संभव है।

पीठ ने कहा, ‘‘सीपीसीबी समुचित कदम उठाए और इस संबंध में 10 सितंबर से पहले रिपोर्ट सौंपे। रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से भेजी जाएगी... ऐसा कहा गया है कि जिम्मेदारी अमेजन रिटेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की नहीं, बल्कि उसपर सामान बेचने वालों की है, सीपीसीबी इसपर गौर कर सकता है।’’

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सीपीसीबी ने पहले एनजीटी को बताया था कि अमेजन ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया है कि वह कितना प्लास्टिक इस्तेमाल करती है, वहीं फ्लिपकार्ट ने प्रदूषण बोर्ड के संदेश पर कोई उत्तर नहीं भेजा है।

गौरतलब है कि अधिवक्ता मीनेष दुबे के माध्यम से 16 वर्षीय एक किशोर ने अधिकरण में अर्जी देकर अनुरोध किया था कि वह ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट को सामान की पैकिंग में भारी मात्रा में प्लास्टिक का उपयोग करने से मना करे।

एनजीटी ने इसी पर सुनवाई करते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी।

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