जरुरी जानकारी | शेयर बाजार मध्यस्थता व्यवस्था के तहत विवाद समाधान के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया जारी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजार मध्यस्थता प्रणाली के तहत सूचीबद्ध कंपनी या निर्गम पंजीयक और शेयर स्थानांतरण एजेंट (आरटीए) तथा उसके शेयरधारकों के बीच विवादों के समाधान के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
नयी दिल्ली, 31 मई भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शेयर बाजार मध्यस्थता प्रणाली के तहत सूचीबद्ध कंपनी या निर्गम पंजीयक और शेयर स्थानांतरण एजेंट (आरटीए) तथा उसके शेयरधारकों के बीच विवादों के समाधान के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।
स्कोर्स (सेबी शिकायत निपटान प्रणाली) पोर्टल और अन्य माध्यमों से मिली शिकायतों के समाधान के लिए जब किसी भी कदम का कोई नतीजा नहीं निकलेगा तब मध्यस्थता तंत्र का उपयोग किया जाएगा।
सेबी ने सोमवार को एक परिपत्र जारी करके बताया कि नई रूपरेखा एक जून से प्रभाव में आएगी। नई एसओपी सूचीबद्ध कंपनियों पर और सूचीबद्ध कंपनियों की तरफ से सेवाएं देने वाले आरटीए पर लागू होगी।
सूचीबद्ध कंपनियों के निवेशक या शेयरधारकों तथा आरटीए के बीच दावों या विवाद की स्थिति में शेयर स्थानांतरण एजेंट को शेयर बाजार की मध्यस्थता प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस तरह के मामलों में सूचीबद्ध कंपनी को अनिवार्य तौर पर पक्षकार बनाया जाएगा।
नई एसओपी के मुताबिक ऐसे मध्यस्थता मामले जिनमें दावा राशि 25 लाख रुपये तक है उसमें एक मध्यस्थ की नियुक्ति की जाएगी और यदि दावा 25 लाख रुपये से अधिक है तो तीन मध्यस्थों की एक समिति की नियुक्ति की जाएगी।
मध्यस्थ की नियुक्ति की प्रक्रिया शेयर बाजारो को आवेदन मिलने की तारीख से 30 दिन के भीतर पूरी करनी होगी।
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