देश की खबरें | इस्तीफा देने वाले पायलटों के स्थान पर नए लोगों की नियुक्ति कर ली गई : एअर इंडिया ने अदालत से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय विमानन कंपनी एअर इंडिया लिमिटेड ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा है कि उसने 40 से अधिक उन पायलटों की सेवायें समाप्त कर दी है, जिन्होंने इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया था।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 18 अगस्त राष्ट्रीय विमानन कंपनी एअर इंडिया लिमिटेड ने दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा है कि उसने 40 से अधिक उन पायलटों की सेवायें समाप्त कर दी है, जिन्होंने इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया था।

कंपनी ने कहा कि उन पायलटों के विकल्प के तौर पर अन्य लोगों को नियुक्त कर लिया गया है।

यह भी पढ़े | यूपी के गौतम बुद्ध नगर में कोरोना के 54 नए केस पाए गए: 18 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

कंपनी ने यह दलील पायलटों की विभिन्न याचिकाओं के जवाब में दी है। पायलटों की याचिकाओं में विमानन कंपनी को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि वह उनके द्वारा इस्तीफे वापस लिए जाने को स्वीकार कर ले।

पायलटों ने अपनी दलील में कहा कि उन्होंने शुरुआत में वेतन और भत्तों के भुगतान में देरी को लेकर अपने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया था।

यह भी पढ़े | Northeast Frontier Railway Recruitment 2020: रेलवे में अप्रेंटिस पद के लिए 4499 भर्ती, 10वीं पास कर सकते हैं अप्लाई.

एअर इंडिया ने अपने जवाब में कहा है कि वह पहले से ही लगभग 30,000 करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी हुई है और इसके अलावा उस पर विभिन्न बैंकों, सेवा प्रदाताओं आदि की लगभग 11,000 करोड़ रुपये की देनदारी भी है।

उच्च न्यायालय में दाखिल एक हलफनामे में कंपनी ने कहा कि इस तरह पायलटों के वेतन और भत्तों के भुगतान में देरी किसी गलत इरादे से नहीं की गई थी, बल्कि कंपनी की खराब वित्तीय स्थिति के कारण ऐसा हुआ था।

विमानन कंपनी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण उसका वाणिज्यिक कामकाज बहुत कम हो गया था और उसे अपने लगभग समूचे बेड़ा को जमीन पर रखना पड़ गया। इसके अलावा स्थानापन्न पायलटों को पहले ही नियुक्त कर लिया गया है और अगर इस्तीफा देने वाले पायलटों को रख लिया जाता है, तो पायलटों की संख्या फाजिल हो जाएगी।

कंपनी ने कहा कि मौजूदा अपवाद वाली परिस्थितियों में इस्तीफे को वापस लिये जाने को स्वीकार करना ‘‘जनहित के खिलाफ होगा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\