विदेश की खबरें | नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड ने चीनी सहायता से निर्मित पोखरा हवाई अड्डे का उद्घाटन किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने पश्चिमी नेपाल के पर्यटन केंद्र पोखरा में चीनी सहायता से निर्मित एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का रविवार को उद्घाटन किया।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

काठमांडू, एक जनवरी प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने पश्चिमी नेपाल के पर्यटन केंद्र पोखरा में चीनी सहायता से निर्मित एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का रविवार को उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ‘प्रचंड’ ने पोखरा क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (पीआरआईए) के आधिकारिक उद्घाटन के अवसर पर एक पट्टिका का अनावरण किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री विष्णु पौडेल और अन्य शीर्ष नेता भी उपस्थित थे।

फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है।

पीआरआईए, ‘नेपाल-चीन बेल्ट एंड रोड’ (बीआरआई) पहल की एक प्रमुख परियोजना है, जिसका निर्माण चीनी ऋण सहायता से किया गया था।

प्रचंड ने इस मौके पर कहा कि हवाई संपर्क नेपाल जैसे देश के लिए संपर्क का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा, ‘‘देश के तीसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में आज से पोखरा में हवाई अड्डे का संचालन शुरू हो गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस हवाई अड्डे के खुलने से पोखरा का अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र के साथ संबंध स्थापित हो गया है।’’

प्रधानमंत्री ने चीनी सरकार से रेलवे सेवाओं और अन्य परियोजनाओं के निर्माण में सहायता करने का भी अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में सरकार सामाजिक न्याय, सुशासन और जनता की समृद्धि के मूल मंत्र के साथ काम करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पहले मैंने एक लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना के लिए अग्रणी भूमिका निभाई थी, अब मैं आर्थिक विकास, समृद्धि और सुशासन को बढ़ावा देकर देश को आगे बढ़ाऊंगा।’’

चीनी दूतावास प्रभारी वांग शिन ने कहा कि हवाई अड्डे को चीनी मानकों के अनुसार डिजाइन और निर्मित किया गया है, जो चीनी इंजीनियरिंग की उच्च गुणवत्ता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा नेपाल के राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है।

चीनी दूत ने कहा कि पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को चीन और नेपाल के नेताओं द्वारा अत्यधिक महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि चीनी पर्यटकों के आगमन से नेपाल के पर्यटन क्षेत्र में बहुत योगदान मिलेगा क्योंकि देश ने ‘पर्यटन दशक 2023-2033’ की शुरुआत की है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें