जरुरी जानकारी | नेपाल, भारत, बांग्लादेश करेंगे त्रिपक्षीय बिजली व्यापार समझौता

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काठमांडू, 18 जुलाई नेपाल, भारत के रास्ते बांग्लादेश को 40 मेगावाट बिजली निर्यात करने के लिए अगले सप्ताह त्रिपक्षीय बिजली व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

यह इतिहास में पहली बार होगा कि हिमालयी देश भारत के अलावा किसी तीसरे देश को बिजली बेचेगा।

सरकारी कंपनी नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (एनईए) के प्रवक्ता चंदन कुमार घोष ने कहा, ‘‘बांग्लादेश को बिजली निर्यात करने के समझौते पर तीन देशों के हस्ताक्षर करने का रास्ता साफ हो गया है।’’

घोष ने कहा कि बिजली बिक्री समझौते पर 28 जुलाई को एक समारोह में हस्ताक्षर किये जाएंगे। इस पर एनईए, बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (बीपीडीबी) और भारत के एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लि. (एनवीवीएन) के अधिकारी हस्ताक्षर करेंगे।

उन्होंने कहा कि नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्री दीपक खड़का, भारत के बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर और बांग्लादेश के बिजली, ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री नसरुल हामिद हस्ताक्षर समारोह में शामिल होंगे।

समझौते के तहत, एनईए हर साल 15 जून से 15 नवंबर तक भारत के रास्ते बांग्लादेश को 40 मेगावाट जलविद्युत निर्यात करेगा।

समझौते के अनुसार, बांग्लादेश को बिजली बेचने पर नेपाल को प्रति यूनिट 0.064 डॉलर मिलेंगे।

नेपाल 400केवी ढालकेबार-मुजफ्फरपुर सीमा पार पारेषण लाइन के माध्यम से भारत को बिजली भेजेगा। इसके बाद भारत उतनी बिजली बांग्लादेश को पारेषण करेगा।

एनईए के एक अनुमान के मुताबिक बिजली की बिक्री से नेपाल को लगभग 33 करोड़ रुपये मिलेंगे।

पिछले महीने बांग्लादेश में मंत्रिमंडल की सरकारी खरीद समिति की बैठक में नेपाल से 40 मेगावाट बिजली आयात करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी थी।

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