देश की खबरें | मतभेदों को भुलाने और साथ मिलकर आगे बढ़ने की है जरूरत: केजरीवाल ने अध्यादेश मुद्दे पर राहुल से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के लिए लाये गए केंद्र के अध्यादेश पर कांग्रेस के रुख को लेकर भ्रम के बीच आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पटना में विपक्षी दलों की बैठक में राहुल गांधी से मतभेद भुलाने और साथ मिलकर आगे बढ़ने को कहा है। आप सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली,24 जून दिल्ली के लिए लाये गए केंद्र के अध्यादेश पर कांग्रेस के रुख को लेकर भ्रम के बीच आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पटना में विपक्षी दलों की बैठक में राहुल गांधी से मतभेद भुलाने और साथ मिलकर आगे बढ़ने को कहा है। आप सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

सूत्रों ने यह भी दावा किया कि बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस विषय में हस्तक्षेप किया और सुझाव दिया कि राहुल तथा केजरीवाल को दोपहर भोज पर साथ बैठना चाहिए, ताकि सभी मुद्दों का हल हो जाए।

पार्टी के एक सूत्र ने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल ने (अध्यादेश के विषय पर) राहुल गांधी से सीधे तौर पर बात की और कहा कि यदि कोई मुद्दा है तो वे चाय पर इसका समाधान कर सकते हैं।’’

स्थिति को देखते हुए, उन्होंने कहा कि ‘आप’ को यह फैसला करना अभी बाकी है कि क्या यह शिमला में विपक्षी दलों की होने वाली बैठक में शामिल होगी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में शिमला में संभवत: 10 या 12 जुलाई को होने वाली एक अन्य बैठक में कार्ययोजना तैयार किये जाने की उम्मीद है।

लगभग एक दर्जन से अधिक विपक्षी दलों ने शुक्रवार को पटना में हुई अपनी बैठक में, 2024 के लोकसभा चुनाव में साथ मिलकर भाजपा का मुकाबला करने का संकल्प लिया।

विवादास्पद दिल्ली अध्यादेश के मुद्दे पर कांग्रेस के साथ अपनी जुबानी जंग के बाद, शुक्रवार को एक बयान में आप ने कहा था कि उसके (कांग्रेस के) साथ कोई भी गठबंधन करना बहुत मुश्किल होगा।

‘आप’ ने पटना में विपक्षी दलों की बैठक के बाद एक बयान में कहा कि कई दलों ने कांग्रेस से ‘काले अध्यादेश’ की सार्वजनिक रूप से निंदा करने का आग्रह किया, लेकिन पार्टी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया, जिससे इसके असली इरादों पर संदेह पैदा हुआ।

सूत्रों ने कहा, ‘‘इसके जवाब में, हमारे (आप के) राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस प्रवक्ताओं ने ‘आप’ के खिलाफ गुमराह करने वाले बयान भी दिये थे। यह कहा गया कि मतभेदों को भुलाने और साथ आने की जरूरत है।’’

सूत्रों ने कहा, ‘‘केजरीवाल ने कांग्रेस से अगली बैठक का समय बताने को कहा, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने कोई जवाब नहीं दिया। बैठक में मौजूद सभी शीर्ष विपक्षी नेताओं कांग्रेस से अध्यादेश पर अपना रुख स्पष्ट करने और इस पर चर्चा करने के लिए एक बैठक निर्धारित करने का आग्रह किया।’’

आप सूत्र ने यह भी कहा कि केजरीवाल ने यह उल्लेख किया कि उनकी पार्टी सही विषयों में सदा ही कांग्रेस के साथ खड़ी रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द किये जाने पर, केजरीवाल ने इसका विरोध किया था। यदि राहुल और कांग्रेस आप नेताओं से मिलने को लेकर भयभीत हैं तो विपक्ष को एकजुट करना संदेहपूर्ण है। हम निरंतर नेतृत्व के साथ मिलने का समय मांग रहे हैं लेकिन कांग्रेस ने इनकार कर दिया है।’’

हालांकि, खरगे ने कहा है कि दिल्ली में नौकरशाहों के तबादले व पदस्थापन से जुड़े केंद्र के अध्यादेश का विरोध करने के विषय पर संसद सत्र से पहले निर्णय लिया जाएगा।

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