जरुरी जानकारी | नव विकास बैंक को वैश्विक विकास संस्थान के रूप में विकसित करने की जरूरत: सीतारमण

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को ब्रिक्स देशों के मूल्यों को संरक्षित रखते हुए नव विकास बैंक (एनडीबी) को एक वैश्विक विकास संस्थान के रूप में विकसित करने की जरूरत पर बल दिया।

नयी दिल्ली, 27 मई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को ब्रिक्स देशों के मूल्यों को संरक्षित रखते हुए नव विकास बैंक (एनडीबी) को एक वैश्विक विकास संस्थान के रूप में विकसित करने की जरूरत पर बल दिया।

उन्होंने ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) नेताओं के 2014 में दिये गये दृष्टिकोण को बहुत जल्दी वास्तविक रूप देने में बेहतर नेतृत्व प्रदान करने के लिए एनडीबी के निवर्तमान अध्‍यक्ष के वी कामथ की सराहना की।

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वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिये ‘कोविड-19 आपातकालीन कार्यक्रम ऋण’ उत्पाद पेश कर बड़ी तेजी से उठाए गए कदम को उनके एक अहम योगदान के रूप में याद किया जाएगा।

कामथ का कार्यकाल पूरा हो रहा है । उन्हें 2015 में पांच साल के लिये संस्थान का प्रमुख बनाया गया था।

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ब्राजील के मार्कोस ट्रॉयजो एनडीबी के नये अध्यक्ष होंगे और वह कामथ का स्थान लेंगे।

एनडीबी के निदेशक मंडल की वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये हुई विशेष बैठक में उपाध्यक्ष और मुख्य जोखिम अधिकारी अनिल किशोरा की नियुक्ति को भी मंजूरी दी गयी।

वित्त मंत्री ने बुनियादी ढांचे के विकास के वित्तपोषण में एनडीबी के अहम योगदान की सराहना की जिसका भारत सहित सदस्य देशों के विकास एजेंडे पर सकारात्मक असर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘एनडीबी ने छोटी सी अवधि में सदस्य देशों में कुल 16.6 अरब डालर के निवेश की 55 परियोजनाओं को मंजूरी दी है और यह निश्चित तौर पर एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।’’

सीतारमण ने यह भी उल्लेख किया कि बैंक ने सफलतापूर्वक अपनी एक विशिष्‍ट पहचान बना ली है और यह गर्व से कंधे से कंधा मिलाकर अन्य बहुपक्षीय विकास बैंक के साथ खड़ा है।

वित्त मंत्री ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई टीम की अगुवाई में संस्थान सदस्य देशों को ऋण देने, पारदर्शिता, अंतर्राष्ट्रीय विश्वसनीयता और प्रभावी तरीके से काम के मामले में आगे भी बेहतर काम करता रहेगा।

ब्रिक्स देशों ने 2014 में एनडीबी का गठन किया। इसका मकसद ब्रिक्स एवं अन्य उभरते देशों एवं विकासशील देशों में बुनियादी ढांचा और सतत विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिये संसाधन जुटाना है।

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