देश की खबरें | एनसीपीसीआर ने मध्यप्रदेश में राशन योजना में वित्तीय अनियमितता की जांच कराने के लिए कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मध्यप्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा को पत्र लिखकर राज्य के चार जिलों में किशोरियों के लिए राशन योजना (टीएचआर) में 4.26 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर एक मामला दर्ज करने के लिए कहा है।
नयी दिल्ली, तीन फरवरी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने मध्यप्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा को पत्र लिखकर राज्य के चार जिलों में किशोरियों के लिए राशन योजना (टीएचआर) में 4.26 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर एक मामला दर्ज करने के लिए कहा है।
एनसीपीसीआर ने कहा है कि चार जिले बैतूल, ग्वालियर, डिंडोरी और सिंगरौली में किशोरियों के लिए टीएचआर में खर्च में भारी विसंगति का पता चला है।
आयोग ने एक फरवरी को एक पत्र में लिखा, ‘‘इसके मद्देनजर आपसे मुद्दे पर उपयुक्त कदम उठाने के लिए संबंधित कानून के तहत एक मामला दर्ज कराने का अनुरोध किया जाता है। इसके अलावा इस पत्र के जारी होने के 10 दिनों के भीतर आयोग में कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करें।’’
एनसीपीसीआर अध्यक्ष ने विभिन्न जिलों में आंगनवाड़ी केंद्रों में परोसी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए एमपी एग्रोटोनिक और एमपी एग्रो इंडस्ट्रीज के परिसरों का मुआइना भी किया था।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कहा कि 11 से 14 साल उम्र समूह की कई बच्चियां स्कूल जाने से वंचित हैं।
आयोग ने महिला और बाल विकास विभाग से स्कूल जाने से वंचित बालिकाओं के बारे में सूचना मांगी थी और उसे जिला वार विवरण मिले हैं।
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