देश की खबरें | राकांपा के प्रतिद्वंद्वी गुटों ने एमएलसी अयोग्यता मामले में सत्यापन के लिए एक-दूसरे को दस्तावेज दिये
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के वकीलों ने एक-दूसरे के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) को अयोग्य ठहराए जाने के अनुरोध वाली याचिकाओं के संबंध में शुक्रवार को सत्यापन के लिए दस्तावेज का आदान-प्रदान किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
मुंबई, 15 मार्च राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के वकीलों ने एक-दूसरे के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) को अयोग्य ठहराए जाने के अनुरोध वाली याचिकाओं के संबंध में शुक्रवार को सत्यापन के लिए दस्तावेज का आदान-प्रदान किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की सुनवाई का कार्यक्रम छह सप्ताह बाद घोषित किया जाएगा।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘आज, दोनों पक्षों के वकीलों ने सत्यापन के लिए दस्तावेज का आदान-प्रदान किया।’’
शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (शरदचंद्र पवार) समूह ने अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के एमएलसी अमोल मिटकरी, सतीश चव्हाण, अनिकेत तटकरे, विक्रम काले और रामराजे नाइक निंबालकर के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की है। जबकि अजित पवार के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट ने राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक शशिकांत शिंदे, अरुण लाड और एकनाथ खड़से के खिलाफ इसी तरह की याचिका दायर की है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार द्वारा स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) पिछले साल जुलाई में तब विभाजित हो गई जब अजित पवार और उनका समर्थन करने वाले विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे।
इसके बाद निर्वाचन आयोग ने अजित पवार के नेतृत्व वाली पार्टी को पार्टी का नाम 'राकांपा' और चुनाव चिह्न 'घड़ी' आवंटित किया था। जबकि शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट का नाम 'राकांपा (शरदचंद्र पवार)' और चुनाव चिह्न के तौर पर 'तुतारी' (पारंपरिक तुरही बजाता हुआ आदमी) प्रदान किया।
महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने भी अजित पवार गुट को असली राकांपा माना था।
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