जरुरी जानकारी | आईटीसी पर जुर्माना लगाने का आदेश एनसीएलएटी ने निरस्त किया

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नयी दिल्ली, दो मई राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने विविध कारोबार वाली कंपनी आईटीसी पर जुर्माना लगाने के भारतीय प्रतिस्पर्द्धा आयोग (सीसीआई) के आदेश को निरस्त कर दिया है।

आयोग पर आईटीसी पर जुर्माना लगाने का आदेश 'सेवलॉन' और 'शॉवर टु शॉवर' ब्रांड के अधिग्रहण की जानकारी नहीं देने पर लगाया था। कंपनी ने वर्ष 2017 में इन दोनों ब्रांड का जॉनसन एंड जॉनसन से खरीदा था।

प्रतिस्पर्द्धा आयोग ने 11 दिसंबर, 2017 के अपने आदेश में कहा था कि प्रतिस्पर्द्धा अधिनियम की धारा छह की उपधारा दो के तहत सूचना देने में नाकाम रहने पर आईटीसी पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है।

इस धारा में कंपनियों के लिए अधिग्रहण सौदों के 30 दिनों के भीतर सीसीआई को सूचना देना अनिवार्य किया गया है।

आईटीसी ने इस आदेश को एनसीएलएटी में चुनौती देते हुए कहा था कि अधिग्रहण सौदे का मूल्य 68.37 करोड़ रुपये होने से उसे नोटिस देने की अनिवार्यता से रियायत मिलनी चाहिए।

अपीलीय न्यायाधिकरण की दो-सदस्यीय पीठ ने इस दलील से सहमति जताते हुए 27 अप्रैल के अपने आदेश में कहा है कि आईटीसी पर कोई जुर्माना लगाने की जरूरत नहीं थी। इसके साथ ही उसने प्रतिस्पर्द्धा आयोग के आदेश को निरस्त कर दिया।

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