जरुरी जानकारी | एनसीएलएटी ने एपीएल मेटल्स के खिलाफ दिवाला कार्रवाई शुरू करने की याचिका खारिज की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बुधवार को एपीएल मेटल्स के खिलाफ दिवाला कार्रवाई शुरू करने की याचिका खारिज कर दी। हांगकांग स्थित सेंसिंग लिमिटेड ने यह याचिका दायर की थी।

नयी दि्ल्ली, 14 सितंबर राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बुधवार को एपीएल मेटल्स के खिलाफ दिवाला कार्रवाई शुरू करने की याचिका खारिज कर दी। हांगकांग स्थित सेंसिंग लिमिटेड ने यह याचिका दायर की थी।

इसके साथ ही एनसीएलएटी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश को बरकरार रखा, जिसने ऐसी ही एक याचिका को पहले खारिज कर दिया था।

एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि एनसीएलटी का यह निष्कर्ष सही है कि कॉरपोरेट कर्जदार एपीएल मेटल्स ने सेंसिंग द्वारा दावा किए गए कर्ज के संबंध में एक ‘प्रमाणिक विवाद’ उठाया है।

इसके अलावा सेंसिंग ने एचएसबीसी बैंक को कर्ज सौंपा था, जिसने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत इस कार्रवाई में खुद को शामिल नहीं किया है। इसलिए यह याचिका विचार के योग्य नहीं है। पीठ ने कहा कि एनसीएलटी द्वारा बताए गए कारण सही हैं और इसमें हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।

इससे पहले 15 अक्टूबर, 2019 को एनसीएलटी की कोलकाता पीठ ने सेंसिंग की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस दावे को लेकर विवाद प्रमाणिक प्रतीत होता है और इसलिए धारा नौ के तहत दिवाला कार्रवाई शुरू करने की याचिका विचार योग्य नहीं है।

इस फैसले को सेंसिंग ने एनसीएलएटी में चुनौती दी थी, जहां उसे असफलता का सामना करना पड़ा।

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