जरुरी जानकारी | सुपरटेक लिमिटेड की रुकी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एनबीसीसी की न्यायालय में याचिका
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीसीसी लिमिटेड ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सुपरटेक लिमिटेड की 17 रुकी या आंशिक रूप से निर्मित परियोजनाओं को विकसित करने और पूरा करने की अपील की। इन परियोजनाओं में करीब 27,000 परेशान घर खरीदार वर्षों से फंसे हुए हैं।
नयी दिल्ली, 24 सितंबर सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीसीसी लिमिटेड ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सुपरटेक लिमिटेड की 17 रुकी या आंशिक रूप से निर्मित परियोजनाओं को विकसित करने और पूरा करने की अपील की। इन परियोजनाओं में करीब 27,000 परेशान घर खरीदार वर्षों से फंसे हुए हैं।
ये 17 परियोजनाएं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), देहरादून और बेंगलुरु में शुरू की गई थीं, लेकिन कंपनी के सामने आए वित्तीय संकट के कारण आवासीय इकाइयों का निर्माण पूरा नहीं हो सका, जिसके कारण 2021 से कंपनी के खिलाफ दिवाला कार्यवाही चल रही है।
परेशान घर खरीदारों की ओर से पेश वकील एम एल लाहोटी ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ को बताया कि एनबीसीसी करीब 51,000 आवासीय इकाइयों वाली इन रुकी परियोजनाओं को पूरा करने का प्रस्ताव लेकर आई है।
एनबीसीसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल जैन ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ने सुपरटेक लिमिटेड की दिवाला कार्यवाही से संबंधित मामले में हस्तक्षेप आवेदन दायर किया है ताकि आम्रपाली समूह की तर्ज पर रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा किया जा सके।
आम्रपाली समूह से जुड़े मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एनबीसीसी को नियुक्त किया था, क्योंकि रियल्टी कंपनी पर घर खरीदारों के भारी मात्रा में धन के दुरुपयोग के आरोप लगे थे।
पीठ ने मामले को एक अक्टूबर को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताते हुए कहा कि वह एनबीसीसी के प्रस्ताव पर विचार करेगी।
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