देश की खबरें | जंगलों से साफ हो रहा नक्सलवाद, लेकिन शहरी केंद्रों में जड़ें जमा रहा : मोदी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि जंगलों से नक्सलवाद का सफाया हो रहा है, लेकिन यह तेजी से शहरी इलाकों (अर्बन सेंटर्स) में जड़ें जमा रहा है और कुछ राजनीतिक दलों में आज यह विचारधारा पैठ जमा चुकी है।

नयी दिल्ली, छह मार्च प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि जंगलों से नक्सलवाद का सफाया हो रहा है, लेकिन यह तेजी से शहरी इलाकों (अर्बन सेंटर्स) में जड़ें जमा रहा है और कुछ राजनीतिक दलों में आज यह विचारधारा पैठ जमा चुकी है।

मोदी ने यहां एक समाचार चैनल की ओर से आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी ने लोगों की आकांक्षाओं को कुचल दिया है और लोगों ने भी उससे ज्यादा उम्मीदें रखना बंद कर दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से चीजें बदल गई हैं और पिछले दशक में लोगों की आकांक्षाएं बढ़ी हैं।

उन्होंने कहा, "आज का भारत बड़ी सोच रखता है, बड़े लक्ष्य तय करता है और बड़े परिणाम देता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि देश की मानसिकता बदल गई है। देश बड़ी आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने सुरक्षा के मोर्चे पर कड़ी मेहनत की है और आतंकवादी हमले और आतंकवादियों के स्लीपर सेल टेलीविजन की सुर्खियों से गायब हो गए हैं।

उन्होंने कहा, "देश में नक्सलवाद भी अपने आखिरी पड़ाव पर है। विगत में 100 से अधिक जिले इस खतरे से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। हालांकि, यह संख्या आज घटकर लगभग दो दर्जन जिलों तक रह गई है।"

उन्होंने कहा कि यह तब संभव हुआ जब सरकार ने जमीनी स्तर पर शासन देने पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने कहा, "सरकार के निर्णायक फैसलों से आज नक्सलवाद जंगल से तो साफ हो रहा है, लेकिन अब वो अर्बन सेंटर्स में पैर पसार रहा है। अर्बन नक्सलियों ने अपना जाल इतनी तेजी से फैलाया है कि जो राजनीतिक दल अर्बन नक्सल के विरोधी थे, जिनकी विचारधारा कभी गांधी जी से प्रेरित थी, जो भारत की जड़ों से जुड़ी थी, ऐसे राजनीतिक दलों में आज अर्बन नक्सल पैठ जमा चुका है।"

मोदी ने कहा, "आज वहां अर्बन नक्सलियों की आवाज, उनकी ही सुनाई देती है। इसी से समझ सकते हैं कि इसकी जड़ें कितनी गहरी है। इसलिए हमें अर्बन नक्सलियों से सावधान रहना है।"

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