विदेश की खबरें | नाटो यूक्रेन में उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र लागू नहीं करेगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन और नाटो के अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद स्टॉल्टेनबर्ग ने यूक्रेन की पीड़ा को स्वीकार करते हुए कहा कि रूस की फौज ने यूक्रेन में हमले तेज़ कर दिए हैं और वे शहरों तथा अन्य स्थलों पर भारी बमबारी कर रहे हैं जिससे 10 लाख से अधिक लोग देश छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन और नाटो के अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक की अध्यक्षता करने के बाद स्टॉल्टेनबर्ग ने यूक्रेन की पीड़ा को स्वीकार करते हुए कहा कि रूस की फौज ने यूक्रेन में हमले तेज़ कर दिए हैं और वे शहरों तथा अन्य स्थलों पर भारी बमबारी कर रहे हैं जिससे 10 लाख से अधिक लोग देश छोड़ने को मजबूर हुए हैं।

उन्होंने कहा, “ यूक्रेन में जो हो रहा है, वह भयावह है। यह दर्दनाक है हम जो मानव पीड़ा और जिस स्तर पर तबाही देख रहे हैं, वह हमने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से यूरोप में नहीं देखी है।”

मगर स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा, “ हम यूक्रेन नहीं जा रहे हैं, न जमीन पर और न ही यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में।”

नाटो की सुरक्षा गारंटी 30 सदस्य देशों को लेकर है और संधि का अनुच्छेद पांच कहता है कि अगर किसी एक सदस्य पर हमला होता है तो सारे सदस्य उसकी रक्षा के लिए आगे आएंगे। अगर रूस नाटो का कोई जंगी जहाज़ मार गिरा दे तो यह स्थिति आ सकती है।

नाटो महासचिव ने कहा, “ उड़ान प्रतिबंध क्षेत्र लागू करने का सिर्फ एक तरीका है। वह यह है कि नाटो यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में अपने लड़ाकू विमान भेजे और रूस के विमानों को मार गिराकर उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र लागू करे।”

उन्होंने कहा कि सहयोग देशों का मानना है, ‘‘ अगर हम यह (यूक्रेन के हवाई क्षेत्र में अपने लड़ाकू विमान भेजते हैं तो) इससे यूरोपी में व्यापक युद्ध छिड़ जाएगा।”

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से अपील की थी कि वे उनके देश में उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र लागू कराएं। यह अपील यूक्रेन के परमाणु संयंत्र में रात में लगी आग के बाद की गई है। यह संयंत्र यूरोप में सबसे बड़ा है।

स्टॉल्टेनबर्ग ने कहा, “ हम इस संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं और हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि यह (युद्ध) न बढ़े और यूक्रेन से आगे न जाए, क्योंकि ऐसा होने पर यह अधिक विनाशकारी और खतरनाक होगा।”

एपी

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now