जरुरी जानकारी | राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन जल्दी ही मंजूरी के लिये मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा: एमएनआरई
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नयी दिल्ली, नौ फरवरी नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने मंगलवार को कहा कि हरित बिजली स्रोतों से हाइड्रोजन पैदा करने के लिये प्रस्तावित राष्ट्रीय हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन को मंजूरी के लिये जल्दी ही मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा। इस संबंध में दस्तावेज को इस महीने अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह अपने बजट भाषण में हरित ऊर्जा स्रोतों से हाइड्रोजन पैदा करने के लिये राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन शुरू किये जाने का प्रस्ताव किया।
मंत्रालय द्वारा स्वच्छ ऊर्जा के लिये बजट प्रस्तावाओं पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन के बाद जारी बयान में कहा गया है, ‘‘मिशन दस्तावेज के मसौदे पर पहले ही परामर्श प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसे फरवरी 2021 में इसे अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसके बाद, इसे अंतर-मंत्रालयी परामर्श एवं मंत्रिमंडल की मंजूरी प्रक्रिया के लिए के लिए भेजा जायेगा।’’
हाइड्रोजन को बढ़ावा देने के लिये रूपरेखा को अगले दो महीने में तैयार हो जाने की उम्मीद है।
यह मिशन अल्पावधि (4 वर्ष) के लिए विशिष्ट रणनीति और दीर्घकालिक (10 वर्ष तथा उससे अधिक) के लिए विशेष सिद्धांतों को सामने रखेगा।
इसका उद्देश्य मूल्यवर्धन श्रृंखला में हाइड्रोजन और ईंधन सेल प्रौद्योगिकियों के निर्माण के लिए भारत को एक वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
बयान के अनुसार इसके लिये ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के साथ उपयुक्त प्रोत्साहन तथा सुविधा के माध्यम से विनिर्माण का समर्थन करने के लिए एक रूपरेखा विकसित की जाएगी।
सौर उपकरण के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के बारे में मंत्रालय ने कहा कि 2021-22 के बजट में उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना की भी घोषणा की गई है।
‘उच्च क्षमता वाले सौर पीवी मॉड्यूल’ के निर्माण सहित 13 क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत के लिए विनिर्माण के क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी केंद्र बनने के इरादे से पीएलआई योजनाओं की घोषणा की गई है।
सरकार ने लगभग 1.97 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। वित्त वर्ष 2021-22 से शुरू होने वाले अगले 5 वर्षों में 'उच्च क्षमता के सौर पीवी मॉड्यूल' के लिए इसमें 4,500 करोड़ रुपये शामिल हैं, जिसका क्रियान्वयन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) करेगा।
मंत्रालय ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) और भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (इरेडा) के लिये बजट में अधिक आबंटन की भी सराहना की।
बजट में सेकी के लिये 1,000 करोड़ रुपये तथा इरेडा के लिये 1,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी प्रदान करने का प्रस्ताव किया गया है।
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