देश की खबरें | डोपिंग पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य संरक्षा प्राधिकरण के साथ साझेदारी करेगा नाडा: ठाकुर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत में डोपिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) अब देश के खिलाड़ियों को बचाने के लिए राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के साथ हाथ मिलाएगी।

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर भारत में डोपिंग के बढ़ते मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) अब देश के खिलाड़ियों को बचाने के लिए राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) और भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के साथ हाथ मिलाएगी।

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने बुधवार को यहां शुरू हुए ‘वाडा (विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी) खिलाड़ी जैविक पासपोर्ट संगोष्ठी- 2022’ के पहले दिन अपने संबोधन के दौरान यह जानकारी दी।

ठाकुर ने कहा, ‘‘हमारे खिलाड़ी प्रतिबंधित पदार्थों वाले पोषक तत्वों के सप्लीमेंट के सेवन के कारण अनजाने में डोपिंग से सुरक्षित रहें, यह सुनिश्चित करने के लिए नाडा एनएफएसयू और एफएसएसएआई के साथ सहयोग कर रहा है।’’

संगोष्ठी के तीसरे सत्र के आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश में डोपिंग रोधी कदमों को मजबूत करना है। वाडा की रिपोर्ट के अनुसार भारत 2019 में डोपिंग उल्लंघन के मामले में रूस और इटली के बाद तीसरे स्थान पर रहा है।

राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल) भारत में खिलाड़ी जैविक पासपोर्ट इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया में है और ठाकुर ने कहा कि यह डोपिंग रोधी उपायों में काफी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण साबित होगा और संबंधित अनुसंधान से न सिर्फ खेलों में डोपिंग पकड़ी जाएगी बल्कि ऐसा करने वाले हतोत्साहित भी होंगे।

संगोष्ठी में 56 देशों के लगभग 200 से अधिक प्रतिभागी, वाडा के अधिकारी, विभिन्न राष्ट्रीय डोपिंग रोधी संगठनों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ, खिलाड़ी पासपोर्ट प्रबंधन इकाइयां और वाडा से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं भाग ले रही हैं।

रिकॉर्ड के अनुसार भारत में डोपिंग के मामलों में बॉडीबिल्डिंग, भारोत्तोलन और एथलेटिक्स का सबसे अधिक योगदान है।

पिछले साल तोक्यो ओलंपिक में भारत ने भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के ऐतिहासिक पहले एथलेटिक्स स्वर्ण सहित रिकॉर्ड सात पदक जीते थे लेकिन खेलों ने बदनामी भी दी जब चक्का फेंक खिलाड़ी कमलप्रीत कौर को प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया।

वह 65 मीटर के स्तर को पार करने वाली पहली भारतीय महिला बनने के बाद फाइनल में छठे स्थान पर रही थी।

बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों से पहले भी दो पैरा खिलाड़ियों सहित पांच खिलाड़ी प्रतिबंध पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए गए थे।

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