मुंबई, 28 अप्रैल राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का 31 मार्च 2022 को समाप्त वित्त वर्ष में बही-खाते का आकार 15.08 प्रतिशत बढ़कर 7,57,246 करोड़ रुपये हो गया।
इससे पिछले वित्त वर्ष 2020-21 में नाबार्ड का बही-खाता 6,57,798 करोड़ रुपये था। बही-खाते से आशय कंपनी के वित्तीय ब्योरे से है, जिसमें संपत्ति, देनदारी, शेयरधारकों की इक्विटी हिस्सेदारी शामिल होती है।
नाबार्ड के चेयरमैन जीआर चिंताला ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगले साल हम 8.75 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्य रख रहे हैं।’’
इसके अलावा 31 मार्च, 2022 तक बैंक का ऋण खाता 12.89 प्रतिशत बढ़कर 6,80,731 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 6,03,000 करोड़ रुपये था।
वही वित्त वर्ष 2021-22 में कुल कर्ज वितरण 7.73 प्रतिशत बढ़कर 3,77,086 करोड़ रुपये पर पंहुच गया। यह 2020-21 में 3,50,022 करोड़ रुपये था।
नाबार्ड का सकल एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) यानी फंसा कर्ज बीते वित्त वर्ष में घटकर 0.3 प्रतिशत पर आ गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 0.21 प्रतिशत पर था।
बैंक ने चालू वित्त वर्ष में बांड जारी कर करीब 45,000 करोड़ रुपये जुटाने की भी योजना बनाई है।
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