जरुरी जानकारी | सरसों, सीपीओ में सुधार, मूंगफली, सोयाबीन में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. त्योहारी मांग के चलते दिल्ली मंडी में शुक्रवार को सरसों तेल तिलहन में मजबूती रही। आयात शुल्क मूल्य बढ़ाये जाने से सीपीओ में भी सुधार दर्ज किया गया।
नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर त्योहारी मांग के चलते दिल्ली मंडी में शुक्रवार को सरसों तेल तिलहन में मजबूती रही। आयात शुल्क मूल्य बढ़ाये जाने से सीपीओ में भी सुधार दर्ज किया गया।
निर्यात मांग न होने से मूंगफली तेल कीमतों में गिरावट आई वहीं बाजार में आवक बढ़ने से सोयाबीन तेल कीमतों में भी हानि दर्ज हुई। बाकी अन्य तेल तिलहनों के भाव पूर्व स्तर पर ही बंद हुए।
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बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 1.5 प्रतिशत की गिरावट थी जबकि शिकागो एक्सचेंज में एक प्रतिशत का सुधार था। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को आयात शुल्क मूल्य बढ़ने और बेपड़ता कारोबार के कारण सीपीओ की कीमतों में सुधार आया जबकि मांग न होने से पामोलीन तेलों के भाव पूर्ववत बने रहे।
उन्होंने कहा कि निर्यात की मांग खत्म होने से मूंगफली के भाव भी पूर्वस्तर पर बने रहे। बाजार में सस्ते आयातित तेलों के मुकाबले मूंगफली का भाव महंगा बैठता है इसलिए मांग कमजोर है। दूसरी ओर बाजार में आवक बढ़ने के बाद सोयाबीन तिलहन कीमतों में गिरावट आई जबकि इसके तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
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उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से किसानों से तिलहनों की खरीद करने वाली सहकारी संस्था नाफेड को राजस्थान में बिक्री के लिए रखे गये सरसों के लिए 5,903 रुपये की बोली प्राप्त होने की वजह से उसने हरियाणा में सरसों बिक्री के लिए 5,650 रुपये की बोली को निरस्त कर दिया। उसके बाद शुक्रवार को हरियाणा में नाफेड को सरसों के लिए अधिक यानी 5,750 रुपये क्विन्टल के भाव से बोली प्राप्त हुई है। आगरा, सलोनी मंडी में भी भाव 150 रुपये बढ़ाकर 6,650 रुपये क्विन्टल कर दिया गया है।
सूत्रों ने कहा कि सरकार को कम से कम लगभग 20 लाख टन का सरसों का बफर स्टॉक बनाने के बारे में विचार करना चाहिये क्योंकि इस तेल का कहीं और उत्पादन नहीं होता और इसका कोई विकल्प नहीं है। अभी त्यौहारों और सर्दी के मौसम में इस तेल की मांग और बढेगी इसलिए नाफेड को सोच समझकर बिकवाली करनी होगी।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में सूरजमुखी दाना के भाव एमएसपी से 20 प्रतिशत नीचे चल रहे हैं और किसान परेशान हैं जिस ओर ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है।
तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,150 - 6,200 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,375- 5,425 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,350 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,055 - 2,115 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,250 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,850 - 2,000 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,970 - 2,080 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,480 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,350 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 9,300 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,350 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,350 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,600 रुपये।
पामोलीन कांडला- 8,800 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,325 - 4,375 लूज में 4,195 -- 4,225 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये
राजेश
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