Mumbai 'हल्ला बोल' March: एमवीए घटक दलों ने महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ निकाला ‘हल्ला बोल’ मार्च
महाराष्ट्र विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक दलों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर शनिवार को मुंबई में ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन मार्च निकाला.
महा विकास आघाड़ी हल्ला बोल: महाराष्ट्र विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक दलों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर शनिवार को मुंबई में ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन मार्च निकाला. पैदल मार्च दोपहर के करीब भायखला में जे जे अस्पताल के पास एक कंपनी से शुरू हुआ और यह दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसएमटी) पर समाप्त होगा. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) और अन्य की टिप्पणियों से मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज और समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले एवं सावित्रीबाई फुले के कथित ‘‘अपमान’’, महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद और राज्य की परियोजनाओं को कहीं और स्थानांतरित किए जाने सहित विभिन्न मुद्दों पर राज्य में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार को घेरने के लिए विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया है.
शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे, त्यांच्या पत्नी रश्मी ठाकरे व युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे महामोर्चात सहभागी झाले आहेत.#UddhavThackeray #AadityaThackeray #ShivSena #MVA #HallaBol #हल्लाबोल #Maharashtra pic.twitter.com/AijtLJmIzg
— Saamana (@SaamanaOnline) December 17, 2022
इस साल जून में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के गिरने के बाद एमवीए के प्रदर्शन को सहयोगी दलों को एकजुट करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता सुबह से ही जे जे अस्पताल के पास जमा होने लगे थे. जब दोपहर के आसपास मार्च शुरू हुआ, तब उन्हें शिवाजी महाराज और फुले के बैनर, तख्तियां और चित्र लिए देखा गया. मार्च शुरू होने से पहले राकांपा के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे ने पत्रकारों से कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने राज्य के कुछ हिस्सों पर दावा जताकर महाराष्ट्र का अपमान किया है, यहां तक कि शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की. यह भी पढ़े: Uniform Civil Code: समान नागरिक संहिता पर बड़ा सवाल, क्या विविधतापूर्ण भारत में यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए कोई जगह है?
एमवीए के मार्च के जवाब में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी मुंबई के सभी छह संसदीय क्षेत्रों में ‘‘माफी मांगो’’ प्रदर्शन कर रही है, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर डॉ. बी आर आंबेडकर के जन्मस्थान और पार्टी नेता सुषमा अंधारे पर हिंदू देवी-देवताओं और संतों का अपमान कर विवाद पैदा करने का आरोप लगाया गया है. भाजपा ने एमवीए नेताओं, विशेषकर उद्धव ठाकरे से माफी की मांग की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, ‘‘सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा विरोध मार्च के माध्यम से व्यक्त किया जाएगा. इसलिए भाजपा ध्यान भटकाने के लिए नौटंकी कर रही है.’’ शिवसेना का उद्धव ठाकरे नीत गुट पार्टी के ‘धनुष और तीर’ चुनाव चिन्ह पर अपना दावा साबित करने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहा है.
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2022 02:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

