देश की खबरें | एमएसआरटीसी कर्मियों की हड़ताल जल्द खत्म होने की उम्मीद: राउत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को 27वें दिन में प्रवेश कर गई और इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की।

मुंबई, 23 नवंबर महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को 27वें दिन में प्रवेश कर गई और इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने राकांपा अध्यक्ष शरद पवार से मुलाकात की।

राउत ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पवार के साथ राजनीति और एमएसआरटीसी कर्मियों की चल रही हड़ताल सहित कई मुद्दों पर चर्चा की।

राज्य में शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार में राकांपा एक प्रमुख घटक है।

राउत ने राकांपा अध्यक्ष के यहां स्थित आवास पर बैठक के बाद कहा, ‘‘पवार साहब के साथ केवल गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जाती है क्योंकि हम दोनों के पास अन्य मुद्दों पर चर्चा करने का समय नहीं है। एमएसआरटीसी की हड़ताल का मुद्दा बहुत गंभीर है और मुझे विश्वास है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकाल लिया जाएगा।’’

घाटे में चल रहे परिवहन निगम का राज्य सरकार में विलय की मांग को लेकर एमएसआरटीसी के कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को 27वें दिन भी जारी रही।

राउत ने कहा कि पवार ने सोमवार को परिवहन मंत्री अनिल परब और वित्त मंत्री अजित पवार से इस मुद्दे पर चर्चा की। राउत ने कहा, ‘‘हमने जो बातचीत की, उसके अनुसार ऐसा लगता है कि जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकाल लिया जाएगा। शरद पवार, वित्त मंत्री अजीत पवार और परिवहन मंत्री (परब) के बीच एक बैठक हुई और मैं समझता हूं कि उन्होंने (उन्हें) कुछ सकारात्मक निर्देश दिए हैं।’’ उन्होंने एमएसआरटीसी कर्मियों के मुद्दे पर ‘‘आग में घी’’ डालने के लिए विपक्षी भाजपा पर निशाना साधा।

राज्यसभा सांसद राउत ने कहा, ‘‘हर कोई जानता है कि महाराष्ट्र के हालात को कौन भड़का रहा है और क्यों ऐसा किया जा रहा है, एमएसआरटीसी मुद्दे पर कौन आग में घी डाल रहा है, हमारे पास इसकी जानकारी है।’’

राउत ने आरोप लगाया कि अमरावती (परोक्ष तौर पर शहर में हाल में हुए दंगे की ओर इशारा करते हुए) से लेकर एमएसआरटीसी कर्मियों की हड़ताल तक महाराष्ट्र में आग लगाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘कर्मचारियों के लिए हर कोई सहानुभूति रखता है। सरकार जो कुछ भी कर सकती है, वह किया जा रहा है।’’

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि यह कोई गंभीर मुद्दा नहीं है जिस पर पवार के साथ चर्चा की जरूरत है।

उच्चतम न्यायालय ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ महाराष्ट्र में दर्ज आपराधिक मामलों में सोमवार को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया। साथ ही न्यायालय ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पुलिस अधिकारियों और वसूली करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज करने पर उन्हें तंग किया जा रहा है तो आम आदमी का क्या होगा।

सिंह के खिलाफ करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज कर किये गए हैं। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने मुंबई पुलिस से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है।

खतरे के मुद्दे के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, ‘‘मुंबई जैसा सुरक्षित कोई शहर नहीं है। यह एक मजाक है (कि उन्हें मुंबई पुलिस से खतरा है), जब मुंबई के एक पूर्व पुलिस आयुक्त ऐसा कहते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह अब एक आरोपी हैं। उनके खिलाफ जबरन वसूली के मामले हैं और ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए।’’

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