देश की खबरें | मप्र पटवारी भर्ती परीक्षा आरोप: मुख्यमंत्री ने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच के आदेश दिए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि 26 अप्रैल को आयोजित 'पटवारी' (राजस्व विभाग कार्मिक) भर्ती परीक्षा में अनियमितता के आरोपों की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी।

भोपाल, 20 जुलाई मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि 26 अप्रैल को आयोजित 'पटवारी' (राजस्व विभाग कार्मिक) भर्ती परीक्षा में अनियमितता के आरोपों की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी।

विपक्षी कांग्रेस परीक्षा के संचालन में गड़बड़ी का आरोप लगा रही है । परीक्षा के परिणाम मई और जून में घोषित किए गए थे। उसमें 10 सफल उम्मीदवारों में से सात ग्वालियर में एक ही परीक्षा केंद्र से थे। यह परीक्षा केंद्र भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक द्वारा संचालित कॉलेज में स्थित था।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों में से एक बड़ा हिस्सा ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से था।

चौहान ने कल रात ट्वीट किया, "माननीय उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राजेंद्र कुमार वर्मा को कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी भर्ती परीक्षा की जांच के लिए नियुक्त किया गया है।"

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच समिति की सिफारिशें 31 अगस्त तक सरकार को दी जाएंगी। मुख्यमंत्री ने आरोपों के बाद 13 जुलाई को सफल उम्मीदवारों की नियुक्तियों पर रोक लगा दी ।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस समय कहा था कि भाजपा युवाओं के भविष्य के साथ खेल रही है और मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा की जांच का आदेश देने से कतरा रही है।

एक प्रमुख हिंदी अखबार द्वारा कथित अनियमितताओं पर रिपोर्ट प्रकाशित करने के बाद भोपाल और इंदौर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।

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