विदेश की खबरें | हमले के लिए रूस की चौतरफा आलोचना के बीच अफ्रीका के अधिकतर देश खामोश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने हाल में टिप्पणी की थी कि यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को मास्को के पूर्वी यूरोप के लिए ‘‘केंद्र बिंदु’’ होने के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। मुसेवेनी के बेटे लेफ्टिनेंट जनरल मुहूजी केनेरुगाबा ने और स्पष्ट लहजे में कहा कि अफ्रीका ‘‘यूक्रेन में रूस के रुख का समर्थन करता है’’ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर ‘‘पुतिन बिल्कुल सही हैं।’’

युगांडा के राष्ट्रपति योवेरी मुसेवेनी ने हाल में टिप्पणी की थी कि यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को मास्को के पूर्वी यूरोप के लिए ‘‘केंद्र बिंदु’’ होने के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। मुसेवेनी के बेटे लेफ्टिनेंट जनरल मुहूजी केनेरुगाबा ने और स्पष्ट लहजे में कहा कि अफ्रीका ‘‘यूक्रेन में रूस के रुख का समर्थन करता है’’ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर ‘‘पुतिन बिल्कुल सही हैं।’’

दुनिया भर में रूस की निंदा के बीच अफ्रीका के ज्यादातर देश या तो पीछे हट गये हैं या बिल्कुल शांत है। इस महीने की शुरुआत में रूस की निंदा करने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव पर अफ्रीका के 54 देशों में से पच्चीस ने मतदान नहीं किया या अनुपस्थित रहे।

इसकी वजह यह है कि 1.3 अरब की आबादी वाले महाद्वीप के कई देशों के रूस के साथ लंबे समय से संबंध हैं, जो शीत युद्ध से पहले का है, जब सोवियत संघ ने उपनिवेश विरोधी संघर्षों का समर्थन किया था।

आलोचना के बावजूद अफ्रीका के देश रूस के साथ अपने संबंधों को कायम रखने के लिए दृढ़ नजर आ रहे हैं। यूक्रेन में युद्ध तेज होने के बीच दक्षिण अफ्रीका की सत्तारूढ़ अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने केप टाउन में रूसी दूतावास में रूस के साथ देश के राजनयिक संबंधों के 30 साल पूरे होने पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि उनका देश संयुक्त राष्ट्र के निंदा प्रस्ताव से दूर रहा, क्योंकि यह रूस के साथ ‘‘सार्थक संवाद’’ का आह्वान करने में विफल रहा।

जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति इमर्सन मनांगाग्वा ने रोडेशिया में अल्पसंख्यक श्वेतों के शासन के खिलाफ 1970 के दशक में हथियारों की मदद और सैन्य प्रशिक्षण दिए जाने का उल्लेख करते हुए रूस और चीन की ‘‘भरोसेमंद स्तंभ’’ के रूप में प्रशंसा की है। जिम्बाब्वे में रूस का बड़ा निवेश है, जिसमें ग्रेट डाइक क्षेत्र में अरबों डॉलर का एक संयुक्त खनन उद्यम भी शामिल है, जहां प्लैटिनम का दुनिया का सबसे बड़ा भंडार है। रूस जिम्बाब्वे में सोने और हीरे के खनन कार्यों में भी शामिल है।

युगांडा में रूसी अधिकारी नियमित रूप से सैन्य उपकरणों के रखरखाव में सहायता करते हैं। अधिकारियों ने हाल में हिंसक अपराध से निपटने के लिए वाहनों में ट्रैकिंग उपकरण स्थापित करने के लिए एक रूसी कंपनी के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की।

युगांडा के ‘डेली मॉनिटर’ अखबार के एक स्तंभकार निकोलस सेंगोबा ने कहा कि मुसेवेनी जैसे अफ्रीका के कई नेता पुतिन को ‘‘पश्चिमी देशों का डटकर मुकाबला करते देख प्रसन्न हैं।’’

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