देश की खबरें | बिहार में 350 से अधिक पुल-पुलियों की तत्काल मरम्मत की जरूरत: अधिकारी

पटना, 16 अगस्त बिहार में हाल में कई जिलों में पुल ढहने की आई खबरों के बीच प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि राज्य में 350 से अधिक छोटे पुलों और पुलियों की तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है।

अधिकारियों ने कहा कि यह मुद्दा शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान उठाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद थे।

उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि आवश्यक कार्रवाई के लिए लगभग 1,000 ऐसी संरचनाओं का सर्वेक्षण करने की आवश्यकता है।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सड़क संपर्क सुधारने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे पुलों के निर्माण हेतु ‘मुख्यमंत्री सेतु निर्माण योजना’ शुरू करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पुलों और पुलियों की तत्काल मरम्मत के भी आदेश दिए।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, ‘‘मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बेहतर सड़क संपर्क के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे पुलों के निर्माण के लिए ‘मुख्यमंत्री सेतु निर्माण योजना’ शुरू करने का निर्देश दिया।’’

बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य भर में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त छोटे पुलों और पुलियों की ‘‘तत्काल मरम्मत’’ शुरू करने और सभी निर्माणाधीन पुलों को जल्द से जल्द पूरा करने का भी निर्देश दिया।

इसमें कहा गया है कि ‘‘पुलों के ढहने या दरार पड़ने की किसी भी घटना से बचने के लिए सभी पुलों/छोटे पुलों/पुलियों का उचित निरीक्षण एवं रखरखाव समेत सभी आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।’’

कुमार ने पुलों के ढहने या क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं को रोकने के लिए मौजूदा और नए बने पुलों के रखरखाव के महत्व पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर है, जिसमें नई बस्तियों वाले क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण और उन्नयन शामिल है।

बयान में कहा गया है, ‘‘केवल सड़कों और पुलों का निर्माण ही महत्वपूर्ण नहीं है। उनका रखरखाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास पर हमारी सरकार का मुख्य ध्यान है।’’

सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा, राज्य सरकार छोटे पुलों के निर्माण के लिए मंजूरी सीमा को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये करने पर विचार कर रही है, जिससे जिलाधीशों को ऐसी परियोजनाओं को मंजूरी देने में अधिक स्वायत्तता मिल सके।

हाल ही में सीवान, सारण, मधुबनी, अररिया, पूर्वी चंपारण और किशनगंज सहित जिलों में पुल ढहने की खबरें आई हैं।

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