ताजा खबरें | उड़ान योजना के तहत 149 लाख से अधिक लोगों ने अब तक यात्रा की : सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने सोमवार को बताया कि 21 अक्टूबर 2016 को 10 साल की अवधि के लिए शुरू की गई क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (उड़ान) के तहत कुल 625 आरसीएस मार्गों को चालू किया गया है तथा 149 लाख से अधिक लोग अब तक यात्रा कर चुके हैं।
नयी दिल्ली, 24 मार्च सरकार ने सोमवार को बताया कि 21 अक्टूबर 2016 को 10 साल की अवधि के लिए शुरू की गई क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (उड़ान) के तहत कुल 625 आरसीएस मार्गों को चालू किया गया है तथा 149 लाख से अधिक लोग अब तक यात्रा कर चुके हैं।
नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 21 अक्टूबर 2016 को 10 साल की अवधि के लिए क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़े देश का आम नागरिक’ शुरू की गई थी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कुल 625 आरसीएस मार्गों को चालू किया गया है।
नायडू ने यह भी बताया कि इन 625 आरसीएस में 13 ‘हेलीपोर्ट’ और दो ‘वाटर एयरोड्रोम’ हैं।
उन्होंने बताया कि उड़ान योजना शुरू होने के बाद से 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल करने वाली 2.97 लाख से अधिक आरसीएस उड़ानें में यात्रा कर 149 लाख से अधिक यात्री अब तक लाभान्वित हो चुके हैं।
नायडू ने बताया कि पहले से ही परिचालनरत मार्गों की संख्या बढ़ाने के लिए एयरलाइनों को मार्ग आवंटन से पहले, समय पर परिचालन के लिए व्यावसायिक योजनाएं प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि कार्यान्वयन एजेंसी उन प्राथमिकता वाले हवाई अड्डों की सूची भी प्रकाशित कर रही है जो तैयार हैं अथवा जो छह महीने में तैयार हो जाएंगे।
नायडू ने विमानन टर्बाइन ईंधन (एटीएफ) की बढ़ती कीमत के कारण हवाई किराये में वृद्धि के बारे में पूछे गए एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि ‘डीजीसीए’ ने कुछ मार्गों पर निगरानी की और उनमें वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2024 में हवाई किराये में कमी आई है।
उन्होंने बताया कि किराये में कमी के लिए एयरलाइनों और ऑनलाइन टिकटिंग एजेंटों (ओटीए) के साथ निरंतर संपर्क रखा गया ताकि हवाई किराये के उतार-चढ़ाव पर नजर रखी जा सके।
नायडू ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ की कीमत, विदेशी विनिमय दरें, उत्पाद शुल्क और मूल्य संवर्धित कर (वैट) आदि की वजह से एयरलाइनों की परिचालन लागतें बदलती रहती है।
डिजिटल लाइसेंस के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में नायडू ने बताया कि उड़ान चालक दल के लिए इलेक्ट्रॉनिक कार्मिक लाइसेंसिंग (ईपीएल) का पहला चरण 20 फरवरी 2025 को शुरु हुआ जिसमें ईपीएल के लिए मानक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस चरण में वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (सीपीएल) और फ्लाइट रेडियो टेलीफोन आपरेटर लाइसेंस (एफआरटीओएल) इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किए जा रहे हैं।
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