नयी दिल्ली, 24 जुलाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को प्रगति मैदान में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी-सह-सम्मेलन केन्द्र (आईईसीसी) परिसर राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी। इस परिसर में सितंबर में जी-20 नेताओं की बैठक प्रस्तावित है।
सरकार ने जनवरी, 2017 में प्रगति मैदान के पुनर्विकास के लिए भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए राष्ट्रीय राजधानी में विश्वस्तरीय आईईसीसी स्थापित करने पर सहमति जताई थी।
पीएमओ ने कहा कि देश में बैठकों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों की मेजबानी के लिए एक विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने संबंधी प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण ने प्रगति मैदान में आईईसीसी की अवधारणा को मूर्तरूप दिया है।
इस परियोजना को लगभग 2700 करोड़ रुपये की लागत से एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में विकसित किया गया था। लगभग 123 एकड़ के परिसर क्षेत्र के साथ, आईईसीसी परिसर को भारत के सबसे बड़े एमआईसीई (बैठकें, प्रोत्साहन, सम्मेलन और प्रदर्शनी) गंतव्य के रूप में विकसित किया गया है।
नव विकसित आईईसीसी परिसर में कन्वेंशन सेंटर, प्रदर्शनी कक्ष, एम्फीथिएटर आदि सहित कई अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
कन्वेंशन सेंटर को प्रगति मैदान परिसर के केंद्र बिंदु के रूप में विकसित किया गया है। यह एक भव्य वास्तुशिल्प चमत्कार है, जिसे बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों, सम्मेलनों, सम्मेलनों और अन्य प्रतिष्ठित कार्यक्रमों की मेजबानी करने के लिए तैयार किया गया है।
पीएमओ ने कहा कि इसके बहुउद्देश्यीय हॉल और प्लेनरी हॉल में सात हजार लोगों की संयुक्त क्षमता है, जो ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध सिडनी ओपेरा हाउस की बैठने की क्षमता से बड़ी है और इसका शानदार एम्फीथिएटर 3,000 व्यक्तियों की बैठने की क्षमता से लैस है।
कन्वेंशन सेंटर भवन का वास्तुशिल्प डिजाइन भारतीय परंपराओं से प्रेरित है और आधुनिक सुविधाओं एवं जीवन शैली के अनुरुप भारत के आत्मविश्वास और दृढ़ विश्वास को दर्शाता है।
पीएमओ ने कहा कि आगंतुकों की सुविधा आईईसीसी में एक प्राथमिकता है, जो 5,500 से अधिक वाहन पार्किंग स्थानों के प्रावधान में परिलक्षित होती है। सिग्नल-मुक्त सड़कों के माध्यम से पहुंच की आसानी यह सुनिश्चित करती है कि आगंतुक बिना किसी परेशानी के आयोजन स्थल तक पहुंच सकें।
पीएमओ ने कहा कि प्रगति मैदान में नए आईईसीसी परिसर के विकास से भारत को एक वैश्विक व्यापार गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। यह व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे आर्थिक विकास और रोजगार सृजन होगा।
उसने कहा कि यह छोटे और मध्यम उद्यमों के विकास का समर्थन करेगा और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
ब्रजेन्द्र
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