विदेश की खबरें | ब्रिटेन में कोविड पाबंदियों से “आजादी दिवस” पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. मीडिया ने पाबंदियों को हटाए जाने को “फ्रीडम डे” (स्वतंत्रता दिवस) करार दिया था और क्लब जाने वालों और नाइटक्लबों के मालिकों के लिये वाकई ये किसी ‘आजादी’ से कम नहीं था। लंबे समय बाद वे मास्क लगाने की अनिवार्यता, एक दूसरे से दूर-दूर बैठने (सोशल डिस्टेंसिंग) और ऐसी ही अन्य पाबंदियों के पीछे छूटने और ‘कोविड काल’ से पहले के माहौल का लोग लुत्फ उठा रहे थे।

मीडिया ने पाबंदियों को हटाए जाने को “फ्रीडम डे” (स्वतंत्रता दिवस) करार दिया था और क्लब जाने वालों और नाइटक्लबों के मालिकों के लिये वाकई ये किसी ‘आजादी’ से कम नहीं था। लंबे समय बाद वे मास्क लगाने की अनिवार्यता, एक दूसरे से दूर-दूर बैठने (सोशल डिस्टेंसिंग) और ऐसी ही अन्य पाबंदियों के पीछे छूटने और ‘कोविड काल’ से पहले के माहौल का लोग लुत्फ उठा रहे थे।

हालांकि लॉकडाउन की पाबंदियों से बाहर निकलने को लेकर कई ब्रिटेनवासी असहज भी दिखे क्योंकि वैज्ञानिकों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि ऐसे समय में जब संक्रमण घट नहीं रहा बल्कि बढ़ रहा है तब ब्रिटेन जोखिम भरे रास्ते पर बढ़ रहा है।

सोमवार से इंग्लैंड में मास्क लगाना कानूनी रूप से जरूरी नहीं है और सामाजिक दूरी के नियमों में भी छूट दे दी गई है ऐसे में थियेटरों या बड़े कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या पर भी कोई सीमा नहीं है। बीते करीब 18 महीनों में पहली बार नाइटक्लब को खोलने की इजाजत दी गई है और लंदन से लेकर लीवरपूल तक हजारों लोगों ने मध्यरात्रि से ही नाचकर “जश्न-ए-आजादी” मनाना शुरू कर दिया।

लंदन के ‘द पियानो वर्क्स क्लब’ गए मार्क ट्रॉय ने कहा, “यह सबसे खुशी का मौका है। मुझे नाचना अच्छा लगता है और मेरी मित्र-मंडली में भी सभी को नाचना अच्छा लगता है। हम बीते करीब डेढ़ सालों से ऐसा नहीं कर पा रहे थे इसलिए इसे लेकर हम बहुत उत्साहित हैं।”

इस जगह काम करने वाली सोशल मीडिया मार्केटिंग प्रबंधक कैटी मूरहाउस ने कहा कि लोग पियानों पर अच्छी तेज धुन के साथ थिरकने के लिये तरस रहे थे। मनोरंजन के क्षेत्र से जुड़े लोग जहां खुश हैं वहीं बहुत से अन्य लोग पाबंदियों को ऐसे समय हटाने के ब्रिटिश सरकार के फैसले से नाखुश व चिंतित हैं जब पहली बार भारत में सामने आए बेहद संक्रामक डेल्टा वायरस के कारण कोविड-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

जनवरी के बाद से पहली बार पिछले हफ्ते एक दिन में 50 हजार से ज्यादा संक्रमण के नए मामले सामने आए यद्यपि संक्रमण के कारण होने वाली मौत के मामलों में कमी जरूर है।

प्रधानमंत्री बोरिज जॉनसन ने लोगों से संयम बरतने का अनुरोध किया और बीमारी के गंभीर जोखिम के प्रति अब भी सचेत रहने को कहा। स्थिति किस कदर अस्थिर बनी हुई है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन “फ्रीडम डे” पृथकवास में रहकर गुजार रहे हैं।

वैश्विक तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि गिरावट की अवधि के बाद एक बार फिर संक्रमण के मामले और मौत बढ़ रहे हैं जिसका एक बड़ा कारण पहली बार भारत में सामने आया बेहद संक्रामक डेल्टा वायरस है।

ब्रिटेन के तरह ही इजराइल और नीदरलैंड ने भी व्यापक टीकाकरण के बाद अपने लोगों पर से कई पाबंदियां हटा दी थीं लेकिन संक्रमण के मामले फिर बढ़ने के बाद इनमें से कुछ पाबंदियों को वापस लगाना पड़ा।

नीदरलैंड के प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि बहुत जल्दी पाबंदियां हटाना “एक गलती थी”।

एपी

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

West Indies Women vs Australia Women T20I Stats: टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक-दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा है वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला का प्रदर्शन, यहां देखें दोनों टीमों के आंकड़े

West Indies Women vs Australia Women, 3rd T20I Match Pitch Report And Weather Update: किंग्सटाउन में वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला मुकाबले में मौसम बनेगा अहम फैक्टर या फैंस उठाएंगे पूरे मैच का लुफ्त? यहां जानें मौसम का हाल

West Indies Women vs Australia Women, 3rd T20I Match Prediction: तीसरे मुकाबले को जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करना चाहेगी ऑस्ट्रेलिया महिला, घरेलू सरजमीं पर पलटवार करने उतरेगी वेस्टइंडीज महिला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

West Indies Women vs Australia Women, 3rd T20I Match T20I Match Preview: कल वेस्टइंडीज महिला बनाम ऑस्ट्रेलिया महिला के बीच खेला जाएगा अहम मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, पिच रिपोर्ट समेत सभी डिटेल्स

\