ताजा खबरें | आज राज्यसभा के सदन कक्ष और गैलरी में बैठे सदस्य
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में मंगलवार को करीब एक वर्ष बाद कामकाज के सामान्य घंटों के दौरान कार्यवाही हुई तथा उच्च सदन के करीब 60 प्रतिशत सदस्य परस्पर दूरी बनाये रखते हुए सदन में बैठे।
नयी दिल्ली, नौ मार्च राज्यसभा में मंगलवार को करीब एक वर्ष बाद कामकाज के सामान्य घंटों के दौरान कार्यवाही हुई तथा उच्च सदन के करीब 60 प्रतिशत सदस्य परस्पर दूरी बनाये रखते हुए सदन में बैठे।
सदन की बैठक अपने नियमित समय पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई । कल की तुलना में उच्च सदन के कक्ष में आज अधिक सदस्य बैठे थे।
उपसभापति हरिवंश ने कहा कि सदन कक्ष में 142 सदस्यों को सीटें आवंटित की गयी हैं तथा शेष सदस्य चार गैलरियों में परस्पर दूरी बनाते हुए बैठेंगे।
राज्यसभा की वेबसाइट के अनुसार सदन में कुल 245 सदस्य होने चाहिए जिनमें से सात स्थान रिक्त हैं।
कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल लोकसभा एवं राज्यसभा में सदस्यों के बैठने की व्यवस्था को परिवर्तित करते हुए दोनों सदनों की बैठक के समय में भी बदलाव किया गया था।
पिछले साल सितंबर में मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक तथा लोकसभा अपराह्न तीन बजे से शाम सात बजे तक चलती थी।
बीच के दो घंटे के दौरान सदन कक्षों की सफाई कर इसे संक्रमण मुक्त बनाया जाता था।
संसद में पिछले साल शीतकालीन सत्र नहीं हुआ था। इस बार बजट सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से अपराह्न दो बजे तक तथा लोकसभा की बैठक शाम चार बजे से रात नौ बजे तक निर्धारित की गयी थी।
इस दौरान सदस्य दोनों सदनों के कक्ष और विभिन्न गैलरी में बैठते थे।
बजट सत्र के दूसरे चरण में पहले दिन सोमवार को इसी कार्यक्रम के अनुसार बैठक हुई। किंतु आज से दोनों सदनों की बैठक पूर्वाह्न 11 बजे से शाम छह बजे तक के लिए कर दी गयी।
हरिवंश ने कहा, ‘‘विभिन्न सदस्यों के अनुरोध के बाद यह तय किया गया कि बजट सत्र के शेष हिस्से में सदस्य राज्यसभा के सदन कक्ष और गैलरियों में परस्पर दूरी बनाकर बैठेंगे ।’’
उन्होंने कहा कि इसके अनुसार राज्यसभा सदन कक्ष में 142 सदस्यों को सीट उपलब्ध करायी गयी है और शेष सदस्य चार गैलरियों में बैठेंगे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के बारे में पार्टी के नेताओं को सूचित कर दिया गया है।
उपसभापति ने कहा कि गैलरियों में बैठे कुछ सदस्यों को माइक्रोफोन और ‘‘साउंड कंसोल सिस्टम’’ की सुविधा शायद उपलब्ध ना हो पाए क्योंकि इतने कम समय में इसकी व्यवस्था करना संभव ना था।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक गैलरी में एक सीट खाली रखी गयी ताकि सदस्य आसन द्वारा नाम पुकारे जाने पर वहां जाकर बोल सकें।
हरिवंश ने सदस्यों से इस व्यवस्था में सहयोग देने का अनुरोध किया और उन्हें आश्वासन दिया कि कोविड-19 के पश्चात स्थिति समान्य होने पर राज्यसभा के सदन कक्ष में बैठने की समुचित व्यवस्था फिर बहाल कर दी जाएगी।
माधव अविनाश
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