देश की खबरें | नागरिकता कानून का विरोध, बेरहम महामारी, पर्यटन में मंदी के साथ बीता मेघालय का 2020
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

शिलांग, 31 दिसंबर मेघालय में वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के बीच संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए और पर्यटन क्षेत्र को मंदी का दौर देखना पड़ा ।

साल की शुरुआत में विवादित सीएए कानून की वजह से राज्य एक तरह से युद्ध का मैदान बन गया गया था और कथित तौर पर सीएए समर्थक भीड़ द्वारा एक युवक कार्यकर्ता की डंडो से पिटाई की गई।

सीएए विरोधी कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर दिनदहाड़े किए गए हमले में 24 घंटे के भीतर सब्जी बेचने वाले व्यक्ति की चाकू से गोद कर हत्या कर दी गई और कई अन्य घायल हुए।

इसकी वजह से सरकार को फरवरी के आखिर में शिलांग में कर्फ्यू लगाना पड़ा और खासी जयंतिया इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी व इसकी वजह से हजारों पर्यटकों ने मुंह मोड़ लिया।

राज्य के मूल निवासियों ने सीएए कानून की वजह से हाशिए पर जाने के डर से इनर लाइन परमिट की मांग की और राज्य विधानसभा ने इसके पक्ष में प्रस्ताव पारित किया लेकिन अबतक यह मांग पूरी नहीं हुई है।

इनर लाइन परमिट यात्रा दस्तावेज है जो बाहरी लोगों को अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मिजोरम और मणिपुर आने के लिए लेना होता है।

वहीं, अप्रैल के मध्य में मेघालय में कोविड-19 का स्याह चेहरा देखने को मिला, अबतक राज्य में 139 लोगों की इस महामारी में जान गई है और 13 ,500 लोग संक्रमित हुए हैं।

पहले सीएए के खिलाफ विरोध के दौरान हिंसा और उसके बाद कोविड-19 महामारी की वजह से राज्य में मार्च महीने से होटल व्यवसाय, कैब सेवा एक प्रकार से ठप है।

हालांकि, 21 दिसंबर को उम्मीद की हल्की लकीर तब दिखी जब राष्ट्रीय राजधानी से मेघालय को जोड़ने के लिए उड़ान सेवा बहाल हुई, यह राज्य में नौ महीने के बाद पर्यटन क्षेत्र को खोलने के साथ हुआ।

राज्य के परिवहन मंत्री एस धर ने दिल्ली-शिलांग की पहली उड़ान में यात्रा की।

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