देश की खबरें | निकाय चुनाव में आरक्षण संबंधी पैनल की हुई बैठक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण संबंधी पैनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राम अवतार सिंह समेत समिति के सदस्यों ने सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के संबंध में आवेदन प्राप्त किये।
देवरिया (उप्र), 23 जनवरी उत्तर प्रदेश में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण संबंधी पैनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राम अवतार सिंह समेत समिति के सदस्यों ने सोमवार को अन्य पिछड़ा वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के संबंध में आवेदन प्राप्त किये।
सूचना विभाग ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि इस अवसर पर पैनल के अन्य सदस्य महेन्द्र कुमार, बृजेश कुमार सोनी एवं संतोष कुमार विश्वकर्मा भी उपस्थित थे।
पैनल के अध्यक्ष ने कहा कि प्राप्त आवेदनों की कानून के अनुसार जांच की जाएगी और फिर उनका निस्तारण किया जाएगा।
उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित 'ट्रिपल टेस्ट' फॉर्मूले के बाद आरक्षण का मसौदा तैयार करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नियुक्त पांच सदस्यीय पैनल ने 31 दिसंबर 2022 को लखनऊ में अपनी पहली बैठक की थी।
पैनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) राम अवतार सिंह ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि पैनल डेटा एकत्र करने के लिए राज्य के सभी 75 जिलों में जाएगा। पैनल इसके लिए जिलाधिकारियों से भी संपर्क करेगा।
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) सिंह ने कहा था, "हम उम्मीद करते हैं कि जनप्रतिनिधि उचित जानकारी प्रदान करेंगे ताकि हम एक अच्छी रिपोर्ट तैयार कर सकें।"
उन्होंने यह भी कहा था कि पैनल अपनाई गई प्रक्रिया जानने के लिए बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में किए गए कार्यों को देखेगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 28 दिसंबर 2022 को पैनल का गठन किया था। उससे एक दिन पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों पर सरकार की मसौदा अधिसूचना को रद्द करते हुए अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण के बिना चुनाव कराने का आदेश दिया था।
पैनल के चार अन्य सदस्य सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी चौब सिंह वर्मा और महेंद्र कुमार और राज्य के पूर्व कानूनी सलाहकार संतोष कुमार विश्वकर्मा तथा ब्रजेश कुमार सोनी हैं।
शहरी विकास विभाग द्वारा इस सिलसिले में जारी एक अधिसूचना में कहा गया था कि पैनल का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने के दिन से छह महीने की अवधि के लिए होगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)