देश की खबरें | मेदिगड्डा बैराज पूरी तरह से मरम्मत किये जाने तक उपयोग योग्य नहीं : एनडीएसए
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नयी दिल्ली, तीन नवंबर राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) ने पाया है कि तेलंगाना में मेदिगड्डा बैराज की अत्यधिक अनदेखी की गई, जिसके चलते यह उपयोग किये जाने योग्य नहीं रह गया है, जब तक कि पूरी तरह से मरम्मत नहीं कर ली जाती है।
प्राधिकरण ने बैराज के खंभों के डूबने के कारणों की जांच पूरी कर ली है।
एनडीएसए के सदस्य (आपदा एवं प्रतिरोधी क्षमता) के नेतृत्व वाली छह सदस्यीय समिति ने मेदिगड्डा बैराज के खंभों के डूबने की वजह का पता लगाने के लिए 23 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक बांध का दौरा किया।
तेलंगाना के मुख्य सचिव को लिखे एक पत्र में एनडीएस सदस्य संजय कुमार सिब्बल ने कहा कि मौजूदा स्थिति में बैराज समिति ने तेलंगाना सिंचाई एवं सीएडी (कमान क्षेत्र विकास) विभाग के प्रधान अभियंता (जनरल) के साथ 23 अक्टूबर को चर्चा की थी, 24 अक्टूबर को बैराज का मुआयना किया, और लार्सन एंड टुब्रो (एल एंड टी) इंफ्रा लिमिटेड सहित विभिन्न हितधारकों के साथ हैदराबाद में 25 अक्टूबर को चर्चा की थी।
पत्र में कहा गया है कि कमान क्षेत्र विकास विभाग ने एनडीएसए समिति को जरूरी जानकारी एवं आंकड़े उपलब्ध नहीं किये, जबकि बांध सुरक्षा अधिनियम 2021 इसका प्रावधान करता है।
इनमें मानसून पूर्व और मानसून बाद निरीक्षण रिपोर्ट, गुणवत्ता नियंत्रण रिपोर्ट आदि शामिल हैं।
एनडीएसए ने कहा कि खंभों के डूबने की स्थिति कई समस्याओं के कारण पैदा हुई, जिनमें योजना, डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण और संचालन व रखरखाव के मुद्दे शामिल हैं।
इसने कहा, ‘‘परियोजना की योजना और डिजाइन में त्रुटियां हैं। बैराज को पानी की सतह पर तैरते ढांचे के रूप में डिजाइन किया गया था, लेकिन एक ठोस ढांचे पर निर्मित किया गया।’’
एनडीएसए ने यह भी दावा किया बांध पर स्वामित्व रखने वालों ने सीमेंट-क्रंकीट ढांचे का निरीक्षण या रखरखाव नहीं किया।
इसने कहा कि इस सिलसिले में बांध मालिकों के रखरखाव की त्रुटियों ने बैराज को कमजोर कर दिया, जिसके चलते यह नाकाम हुआ। यह संचालन व रखरखाव के मोर्चे पर एक बड़ी चूक है।
तेलंगाना के अधिकारियों से समिति के निष्कर्षों को गंभीरता से लेने और स्थिति का समाधान करने का आग्रह किया गया है।
वहीं, बांध की नाकामी के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक विस्तृत जांच की मांग की गई है और एनडीएसए को निष्कर्षों एवं प्रस्तावित मरम्मत उपायों की जानकारी देनी होगी।
उधर, हैदराबाद में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने मेदिगड्डा बैराज को हुए कथित नुकसान पर व्यापक जांच की मांग की। पत्रकारों से बातचीत में रेड्डी ने कहा कि अगर भाजपा तेलंगाना में सत्ता में आती है, तो वह इस मुद्दे की गहन जांच कराएगी और इस मामले में चूक के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
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