देश की खबरें | मेधा पाटकर जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति को समर्थन देने जोशीमठ पहुंची
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गोपेश्वर (उत्तराखंड), 22 मई नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति को समर्थन देने के लिए सोमवार को भूधंसाव ग्रस्त जोशीमठ पहुंची और कहा कि वह प्रभावितों के साथ खड़ी हैं ।
देर से जोशीमठ पहुंचने के लिए क्षमा मांगते हुए उन्होंने जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति की ओर से तहसील प्रांगण में आयोजित एक सभा को भी संबोधित किया । हांलांकि, इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने तहसील पहुंच कर पाटकर के विरोध में नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
अपने संबोधन में पाटकर ने जोशीमठ की इस आपदा में प्रभावितों के साथ खड़े होने की बात कही और विकास के नाम पर नर्मदा परियोजना से लेकर देश के अलग-अलग भागों में लोगों द्वारा झेली जा रही समस्याओं पर चर्चा की ।
बाद में, पत्रकारों से बातचीत में भी पाटकर ने कहा कि पूरे देश में विनाश, विस्थापन इतना बढ़ गया है कि उसकी चपेट में गरीब, आदिवासी, नदी-घाटियों के लोग, पहाड़ी लोग, समुद्र के किनारे के लोग सब आ गए हैं और वे सभी इसके दुष्प्रभाव भुगत रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सभी को अपनी आवाज उठानी पड़ रही है और यह उनका संवैधानिक अधिकार भी है। पाटकर ने कहा कि अहिंसक सत्याग्रही पद्धति से चलने वाला आंदोलन किसी दलीय राजनीति का हिस्सा नहीं होता और इसे एक-दूसरे के विरोध का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
जोशीमठ में उनके आगमन के विरोध को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल या दलों से से नहीं बल्कि जनांदोलनों से जुड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि आज जोशीमठ के जो हालात हैं, वह दरअसल हिमालय की चेतावनी है। उन्होंने कहा कि इसी तरह, पश्चिमी घाट केरल को चेतावनी दे रहा है, सतपुड़ा भी चेतावनी दे रहा है, हर नदी बर्बाद हो रही है जिसके कारण सूखा और बाढ़ का चक्र बन रहा है और किनारे के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।
पाटकर ने सवाल किया कि आज उत्तराखंड में यह क्यों हो रहा है । उन्होंने कहा कि परियोजना का पारिस्थितिकी और प्रभावितों को लेकर सही आकलन नहीं होता है। उन्होंने नर्मदा आंदोलन और कच्छ को लेकर भी अपना पक्ष रखा।
जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती ने कहा कि पाटकर से जोशीमठ की समस्या के निराकरण के लिए ताकत मिलेगी और उनके माध्यम से पूरे देश में यह बात जाएगी।
दूसरी ओर, जोशीमठ के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पाटकर के खिलाफ तहसील में उनकी सभा के दौरान प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जोशीमठ की समस्या के समाधान के लिए पूरी ताकत से कार्य कर रही है।
सती ने आंदोलनकारियों पर आरोप लगाया कि उनका जोशीमठ से कोई लेना देना नहीं है और वे आंदोलन के नाम पर लोगों की आर्थिकी को बर्बाद कर रहे हैं।
जोशीमठ पुलिस ने पाटकर की सभा के दौरान अंदर जाने की कोशिश कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को सभास्थल से कुछ मीटर पहले ही बलपूर्वक रोक लिया जहां वे नारेबाजी करते रहे।
वर्ष की शुरूआत में जोशीमठ में अज्ञात भूमिगत स्रोत से पानी का रिसाव और इमारतों को धंसना शुरू हो गया था । भूधंसाव से सैकड़ों भवनों में दरार पड़ गयी जिसके कारण उन्हें प्रशासन ने असुरक्षित घोषित कर दिया । जनवरी में आई आपदा को इतना समय बीत जाने के बाद भी कई परिवार अभी भी अस्थाई शिविरों में रह रहे हैं ।
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