ठाणे, 14 दिसंबर मथाडी (सिर पर सामान ढोने वाले) मजदूरों की मांगों पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से "उदासीन" रवैया अख्तियार करने के विरोध में श्रमिकों ने सोमवार को काम नहीं किया।
पूर्व विधायक और मथाडी नेता नरेंद्र पाटिल ने पत्रकारों को बताया कि हड़ताल की वजह से नवी मुंबई के वाशी और राज्य के अन्य स्थानों पर कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) में काम प्रभावित रहा।
पाटिल ने दावा किया कि कोविड-19 महामारी के दौरान चार मथाडी मजदूरों की मौत हो गयी लेकिन राज्य सरकार की ओर से पीड़ितों के परिवारों को कोई सहायता नहीं दी गई है।
उन्होंने कहा, " जीविका के लिए रोजाना काम करने वाले मथाडी मजदूरों को जरूरी सेवा में श्रेणीबद्ध नहीं किया गया है, जिस वजह से वे लोकल ट्रेनों में सवार नहीं हो सकते हैं। इससे उनका अपने कार्यस्थलों पर पहुंचना मुश्किल होता है।"
यह भी पढ़े | Gmail, YouTube Down Globally: जीमेल, यूट्यूब हुआ डाउन, दुनियाभर में गूगल की सेवा को लेकर यूजर्स परेशान.
पाटिल ने बताया कि राज्य सरकार ने मुद्दे के समाधान के लिए 24 दिसंबर को बैठक बुलाई है।
उन्होंने आगाह किया कि मथाडी मजदूरों के लंबित मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो अगले महीने प्रदर्शन को तेज किया जाएगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY