उत्तरकाशी (उत्तराखंड), 15 जून 'लव जिहाद' की कथित घटनाओं को लेकर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के पुरोला में बृहस्पतिवार को प्रस्तावित 'महापंचायत' के आयेाजन को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लागू निषेधाज्ञा के विरोध में पुरोला तथा अन्य समीपवर्ती कस्बों में बाजार बंद रहे ।
हांलांकि, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों के समर्थन से स्थानीय व्यापारियों के आह्वान पर होने वाली 'महापंचायत' को भी आयोजकों ने स्थगित कर दिया।
पुरोला व्यापार मंडल के अध्यक्ष बृजमोहन चौहान और बड़कोट व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजाराम जगूड़ी ने कहा कि पुरोला में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लगाए जाने के प्रशासन के तानाशाही रवैये के खिलाफ बड़कोट, नौगांव और पुरोला में संपूर्ण बाजार बंद रहे ।
जगूड़ी ने कहा, 'महापंचायत को रोकने के लिए जिस तरह के प्रयास हुए हैं, उससे लगता है कि अपने शहर में अपने लोगों से अपनी बात नहीं रखी जा सकती, यह एक तरह की गुलामी है।
उन्होंने कहा कि बाजार बंद का ऐलान उन लोगों की हौसला अफजाई के लिए किया गया है जिन्होंने हिंदुओं को जागरूक करने का काम किया है। पुरोला में 14 जून से छह दिन के लिए धारा 144 लागू की गयी है ।
गत 26 मई को एक हिंदू लड़की को दूसरे समुदाय के युवक द्वारा कथित रूप से भगाने के प्रयास के सामने आने के बाद से उत्तरकाशी जिले की यमुना घाटी में तनाव समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा है ।
तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिगत पुरोला में तीन पीएसी प्लाटून के 300 जवानों सहित देहरादून से दो पुलिस क्षेत्राधिकारियों तथा एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की तैनाती की है।
इसके साथ ही डामटा, ब्रह्मखाल व नगुण बैरियर पर इकट्ठे होकर आवागमन करने वाले हर व्यक्ति की जांच की जा रही है।
नगर पंचायत क्षेत्र में आवगमन के सभी मार्गो पर बैरीकेडिंग के साथ ही पंचायत क्षेत्र में प्रवेश करने वाले हर एक व्यक्ति की जानकारी पुलिस ले रही है।
उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि क्षेत्र में रात्रि गश्त के साथ ही जिले की सीमाओं पर बैरियर लगा दिए गए हैं और सघन जांच चल रही है ।
प्रस्तावित महापंचायत के लिये अनुमति देने से इनकार करने के बाद जिला प्रशासन ने पुरोला नगर पंचायत में कानून और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए 19 जून तक धारा 144 लागू कर दी है ।
पुरोला के उपजिलाधिकारी देवानंद शर्मा ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र पुरोला में धारा 144 लागू है और यहां प्रस्तावित महापंचायत को प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की अनुमति नहीं है।
इस बीच, आयोजकों ने स्थानीय प्रशासन के दवाब में आते हुए 'महापंचायत' को स्थगित कर दिया। पिछले करीब एक पखवाड़े से सांप्रदायिक तनाव से जूझ रहे उत्तरकाशी जिले में शांति स्थापित करने को लेकर प्रशासन लगातार आयोजकों को समझाने—बुझाने में लगा था।
यह मामला उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय तक भी पहुंचा जहां बुधवार को दायर एक याचिका में पुरोला में सामाजिक समरसता को बिगाड़ने से बचाने के लिए लोगों के इकटठा होने पर रोक लगाने की प्रार्थना की गयी थी।
पुरोला व्यापार मंडल के अध्यक्ष चौहान ने कहा, ' महापंचायत केवल स्थगित की गयी है । यह निर्णय सामाजिक, राजनीतिक संगठनों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से विचार—विमर्श के बाद लिया गया है । '
उधर, निषेधाज्ञा के मद्देनजर पुरोला की ओर जा रहे बड़कोट और नौगांव के विभिन्न संगठनों के लोगों को बृहस्पतिवार को मुंग्रा पुल के पास रोक लिया गया ।
पुरोला के पुलिस थानाध्यक्ष खजान सिंह चौहान ने बताया कि आगे जाने के अनुमति न मिलने पर लोग सड़कों पर ही बैठ गए और 'जयश्री राम' के नारे लगाने लगे। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कुछ लोगों ने सड़क पर लाउडस्पीकर लगाकर भाषण भी दिया ।
इस बीच, पुरोला के खेल मैदान में पहुंचे बजरंग दल के राज्य संगठनात्मक सचिव विकास वर्मा ने कहा कि पहाड़ों में किसी को भी अनैतिक गतिविधियों में लिप्त होने की अनुमति नहीं दी जाएगी ।
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