देश की खबरें | भारत की अध्यक्षता में जी20 से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित होंगे, अटकलबाजी ठीक नहीं : विदेश मंत्रालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. विदेश मंत्रालय ने जी-20 समूह की अगले साल भारत की मेजबानी में होने वाले शिखर सम्मेलन की कुछ बैठकें जम्मू कश्मीर, लद्दाख में आयोजित करने की योजनाओं से जुड़ी खबरों पर चीन के विरोध पर बृहस्पतिवार को कहा कि इस समूह के प्रारूप के तहत देशभर में काफी कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा लेकिन इस बारे में अभी अटकल लगाना ठीक नहीं है।
नयी दिल्ली, 7 जुलाई विदेश मंत्रालय ने जी-20 समूह की अगले साल भारत की मेजबानी में होने वाले शिखर सम्मेलन की कुछ बैठकें जम्मू कश्मीर, लद्दाख में आयोजित करने की योजनाओं से जुड़ी खबरों पर चीन के विरोध पर बृहस्पतिवार को कहा कि इस समूह के प्रारूप के तहत देशभर में काफी कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा लेकिन इस बारे में अभी अटकल लगाना ठीक नहीं है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस विषय पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ भारत इस साल दिसंबर में जी20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण करेगा तथा अगले वर्ष देशभर में विभिन्न स्तरों पर काफी संख्या में कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा । ’’
चीन के विरोध को लेकर एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हमने इस बारे में मीडिया रिपोर्ट देखी है लेकिन इस विषय पर अभी से अटकल लगाना ठीक नहीं है।
यह पूछे जाने पर कि क्या कश्मीर में कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा, प्रवक्ता ने किसी स्थान के नाम का उल्लेख नहीं करते हुए सिर्फ इतना कहा कि हम बड़ी संख्या में कार्यक्रम आयोजित करेंगे ।
बागची ने कहा कि जी20 शिखर बैठक से संबंधित कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है जिसमें मंत्रिस्तरीय बैठक, सम्पर्क समूह की बैठक, कार्यकारी समूह की बैठक आदि शामिल होते हैं ।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों में कुछ सरकारी स्तर पर तो कुछ गैर सरकारी स्तर पर आयोजित किए जाते हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि इसको लेकर एक प्रारूप भी होता है और हर देश अपने तरीके से भी आयोजन करता है ।
गौरतलब है कि चीन ने जी-20 के नेताओं की अगले साल होने वाली बैठक जम्मू कश्मीर में आयोजित करने की भारत की योजनाओं की खबरों पर पिछले सप्ताह विरोध जताया था । चीन ने अपने करीबी सहयोगी पाकिस्तान के स्वर में स्वर मिलाते हुए कहा था कि संबंधित पक्षों को मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा था कि ‘‘हमने प्रासंगिक सूचना का संज्ञान लिया है।’’
उन्होंने कहा था कि जी-20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के लिए प्रमुख मंच है। उन्होंने कहा था, ‘‘हम संबंधित पक्षों का आह्वान करते हैं कि आर्थिक रूप से उबरने पर ध्यान दें , इस प्रासंगिक मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचें और वैश्विक आर्थिक शासन को सुधारने के लिए सकारात्मक योगदान दें।’’
क्या जी-20 समूह के सदस्य के नाते चीन बैठक में भाग लेगा, इस प्रश्न के उत्तर में झाओ ने कहा था, ‘‘हम बैठक में शामिल होंगे या नहीं, इस बारे में विचार करेंगे।’’
पाकिस्तान ने 25 जून को कहा था कि वह कश्मीर में जी-20 के देशों की बैठक के भारत के प्रयास को खारिज करता है और उम्मीद करता है कि समूह के सदस्य देश कानून एवं न्याय के अनिवार्य तत्वों का पूरी तरह संज्ञान लेते हुए इस प्रस्ताव का स्पष्ट विरोध करेंगे।
दीपक
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)