देश की खबरें | ‘मन की बात’ कार्यक्रम एक ‘प्रेरणादायक मंच’ बन गया है: अध्ययन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ एक ‘प्रेरणादायक मंच’ में बदल गया है जो सतत विकास की प्राथमिकता वाले विषयों को प्रोत्साहित करता है और यह सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भारत के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है। यह जानकारी बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा कराए गए अध्ययन से प्राप्त हुई है।
नयी दिल्ली, 29 अप्रैल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ एक ‘प्रेरणादायक मंच’ में बदल गया है जो सतत विकास की प्राथमिकता वाले विषयों को प्रोत्साहित करता है और यह सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भारत के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण है। यह जानकारी बिल ऐंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा कराए गए अध्ययन से प्राप्त हुई है।
‘मन-की-बात : ए डिकेड ऑफ रिफ्लेक्शन’ शीर्षक से किए गए अध्ययन में कहा गया कि वर्ष 2014 में प्रसारण शुरू होने के यह सरकार के नागरिकों तक पहुंचने के कार्यक्रम का ‘अहम स्तंभ’ बन गया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि अध्ययन का उद्देश्य वर्ष 2014 से 2023 के बीच प्रसारित ‘मन -की-बात’ की 99 कड़ियों की ‘मात्रात्मक और गुणात्मक विश्लेषण’ करना था साथ ही चर्चा के प्रमुख विषयगत क्षेत्रों की पहचान करना था।
इस अध्ययन में इंस्टीट्यूट फॉर कम्पेटिटिवनेस (आईएफसी) अनुसंधान सहयोगी रहा जबकि ‘एक्सिस माई इंडिया’ ज्ञान साझेदार रहा।
रिपोर्ट में कहा गया ‘मन की बात’ कोशिश ने वैश्विक और स्थानीय समस्याओं के प्रति जागरुकता पैदा की और जमीनी समाधानों का उत्सव मनाया। इसमें कहा गया कि इसने नागरिक सक्रियता को बढ़ावा दिया जिसने भारत की सतत विकास की दिशा में प्रगति में योगदान दिया। इसमें कहा गया कि पांच बिंदुओं- स्वच्छता और सफाई, स्वास्थ्य, आरोग्य, जल संरक्षण और स्थायीत्व को प्रोत्साहित किया गया।
रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ आम नागरिकों की कोशिशों के उदाहरण पेश कर और बदलाव एवं प्रगति की कहानियों को साझा कर ‘मन की बात’ स्वयं प्रेरणादायक मंच में तब्दील हो गया है।
यह सतत विकास को प्राथमिकता वाली उन थीम के जरिये प्रोत्साहित कर रहा है जो भारत की सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने के केंद्र में हैं।’’
रिपोर्ट में कहा गया कि कार्यक्रम सरकार और नागरिकों द्वारा प्राथमिकता वाले क्षेत्र में उठाए गए कदमों को रेखांकित करता है और श्रोताओं को इस बदलाव की पहल में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करता है ताकि वे अपने समुदाय के लोगों और देश की जिंदगी में सतत बदलाव के लिए पहल कर सकें।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)