देश की खबरें | मणिपुर वीडियो: मुख्यमंत्री मान ने प्रधानमंत्री से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने की कथित घटना की बृहस्पतिवार को निंदा की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।

चंडीगढ़, 20 जुलाई पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने की कथित घटना की बृहस्पतिवार को निंदा की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।

चार मई की इस घटना का वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद से मणिपुर के पर्वतीय क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। इस वीडियो में विरोधी पक्ष के कुछ पुरुष एक समुदाय की दो महिलाओं को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर घुमाते दिखाई देते हैं। भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया कि इस प्रकार की घटनाओं को ‘‘हमारे समाज में बर्दाश्त नहीं’’ किया जा सकता।

मान ने कहा, ‘‘मणिपुर की घटना बेहद शर्मनाक है और इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है...हमारे समाज में इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती।’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री जी से अपील करता हूं कि इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त और मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए...साथ ही मणिपुर के हालात पर भी ध्यान देने की जरूरत है, जो हर रोज बिगड़ते जा रहे हैं...।’’

बाद में, एक बयान में मान ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि असहाय महिलाएं मानवता के खिलाफ ऐसे जघन्य अपराध की शिकार बनीं।

उन्होंने कहा कि यह जघन्य घटना देश के अंत:करण पर कलंक है और सभी को इसकी निंदा करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अपराधी किसी भी तरह की नरमी के हकदार नहीं हैं और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए और केन्द्र तथा राज्य सरकारों को सुनिश्चित करना चाहिए कि दोषियों को तुरंत न्याय की जद में लाया जाए।

इसी घटनाक्रम में शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने भी मणिपुर में हुई घटना की निंदा की।

बादल ने ट्वीट किया, ‘‘सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो के माध्यम से सामने आए मणिपुर में महिलाओं के खिलाफ हुए जघन्य, क्रूर और शर्मसार करने वाले अपराध से सकते में हूं। यह मानवता के खिलाफ और सम्मान के साथ जीने के महिलाओं के अधिकार का उल्लंघन है।’’

शिअद प्रमुख ने कहा, ‘‘पूरी दुनिया के सामने देश शर्मसार हुआ है। इसे हमारे राष्ट्रीय अंत:करण को झकझोरना चाहिए। इस पर विचार करने का समय आ गया है कि हम कहां पहुंच गए हैं और कितना नीचे गिरेंगे। मैं उच्चतम न्यायालय के स्वत: संज्ञान हस्तक्षेप का स्वागत करता हूं और केन्द्रीय गृह मंत्री व राज्य के मुख्यमंत्री से अपील करता हूं कि दोषी चाहे कोई भी हो, उनका पर्दाफाश किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।’’

‘इंडिजीनस ट्राइबल लीडर्स फोरम’ (आईटीएलएफ) के बृहस्पतिवार को प्रस्तावित मार्च से एक दिन पहले संबंधित वीडियो सामने आया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\