देश की खबरें | नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में व्यक्ति को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली की एक अदालत ने 2022 में 15 साल की लड़की से बलात्कार करने के मामले में एक व्यक्ति को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और कहा कि व्यक्ति ने जितनी घिनौनी हरकत की है, उसी के हिसाब से उसे सजा भुगतनी चाहिए।

नयी दिल्ली, 24 जुलाई दिल्ली की एक अदालत ने 2022 में 15 साल की लड़की से बलात्कार करने के मामले में एक व्यक्ति को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और कहा कि व्यक्ति ने जितनी घिनौनी हरकत की है, उसी के हिसाब से उसे सजा भुगतनी चाहिए।

अदालत ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में “ढुलमुल तरीके से जांच” की। इसने पुलिस के खिलाफ विभागीय जांच का सुझाव भी दिया।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुशील बाला डागर व्यक्ति के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रही थीं, जिसे यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) और बलात्कार, अपहरण समेत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया था।

अतिरिक्त लोक अभियोजक योगिता कौशिक दहिया सरकार की ओर से पेश हुईं।

अदालत ने कहा, “अपराध की गंभीरता, पीड़ित लड़की और दोषी की उम्र, दोषी और पीड़ित की पारिवारिक स्थिति आदि को ध्यान में रखते हुए दोषी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दंडनीय अपराध के लिए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई जाती है।”

अदालत ने उसे अपहरण और महिला को विवाह के लिए मजबूर करने के अपराध के लिए सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई।

इसने कहा कि मामले के तथ्यों पर गौर किया कि व्यक्ति ने 5 मार्च, 2022 को लड़की का अपहरण किया, विवाह का झांसा देकर उसके साथ अवैध संबंध बनाए और उसका यौन उत्पीड़न किया।

अदालत ने कहा कि बचपन में हुए यौन शोषण के मनोवैज्ञानिक घाव अमिट होते हैं और वे व्यक्ति को हमेशा परेशान करते रहते हैं, जिससे उनके उचित शारीरिक और मनोवैज्ञानिक विकास में बाधा आती है।

अदालत ने दोषी का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ऐसा व्यक्ति बाल पीड़ित को यह कहकर बहकाता है कि वह उससे शादी करेगा...इस तरह के प्रलोभनों से पीड़ित पढ़ाई से भी दूर हो जाती हैं, जिससे उनका जीवन प्रभावित होता है।”

इसने कहा, "लिहाजा, दोषी को उसकी घिनौनी हरकत के मुताबिक ही सजा मिलनी चाहिए ताकि ऐसी सोच रखने वालों को उनका अंजाम पता चल सके।”

इस बीच, अदालत ने दिल्ली पुलिस की जांच की निंदा की।

अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी (आईओ), उपनिरीक्षक बिमलेश दोषी व्यक्ति की पहली शादी के दस्तावेज एकत्र करने में विफल रहीं।

इसने कहा कि पुलिस अधिकारी ने उस मंदिर के रजिस्टर की भी जांच नहीं की जहां नाबालिग की शादी कराई गई थी जो जांच अधिकारी द्वारा की गई दोषपूर्ण जांच को दर्शाता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

LSG vs KKR, IPL 2026 38th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा लखनऊ सुपर जायंट्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच रोमांचक मुकाबला. इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

RR vs SRH, IPL 2026 36th Match Scorecard: जयपुर में सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से रौंदा, ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ने जड़ा ताबड़तोड़ अर्धशतक; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

LSG vs KKR, IPL 2026 38th Match Stats And Preview: टूर्नामेंट के 38वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर जीत की राह पर लौटना चाहेगी लखनऊ सुपर जायंट्स, मैच से पहले जानें स्टैट्स एंड प्रीव्यू

CSK vs GT, IPL 2026 37th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा चेन्नई सुपर किंग्स बनाम गुजरात टाइटंस के बीच रोमांचक मुकाबला. इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी