देश की खबरें | माली समाज ने विभिन्न मांगों को लेकर जयपुर में महापंचायत आयोजित की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के माली समाज ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने और 12 फीसदी आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को जयपुर में एक महापंचायत का आयोजन किया।

जयपुर, चार जून राजस्थान के माली समाज ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने और 12 फीसदी आरक्षण सहित विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को जयपुर में एक महापंचायत का आयोजन किया।

जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में आयोजित इस महापंचायत में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने भी भाग लिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुये।

महापंचायत में विभिन्न मांगों को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें महात्मा ज्योतिबा राव फुले और सावित्री बाई फुले को भारत रत्न से सम्मानित करने, सैनी, माली, कुशवाहा, शाक्य, मौर्य, सुमन, वनमाली, भोई माली समुदाय को उनके आर्थिक और सामाजिक पिछड़ेपन के आधार पर 12 प्रतिशत आरक्षण देने, विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय दलों से प्रत्येक जिले में कम से कम एक टिकट की मांग शामिल है।

केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कुल 200 सीटों में से इस समाज को भाजपा से छह टिकट मिले थे और कांग्रेस से चार टिकट मिले थे। उन्होंने विश्वास जताया कि अगर समाज एकजुट रहा तो इस बार उन्हें कम से कम 20-20 टिकट मिलेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘2023 का विधानसभा चुनाव और 2024 का लोकसभा चुनाव आप सबके सामने है और अगर इन चुनाव में आप अपनी एकजुटता स्थानीय स्तर पर दिखाएंगे...अपने बीच में से मजबूत नेतृत्व खडा करने करेंगे तो सफलता आपके चरण चूमेगी।’’

मौर्य के भाषण के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थकों ने गहलोत जिंदाबाद के नारे लगाये। गहलोत समर्थकों की नारेबाजी के कारण मौर्य को अपना भाषण कुछ समय के लिये रोकना पड़ा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बिना कोई भाषण दिए ही चले गए।

मौर्य ने कहा, ‘‘ मैं आप सबको भरोसा दिलाने आया हूं कि चाहे आरक्षण का मामला हो, राजनीतिक हिस्सेदारी का मामला हो या महात्मा ज्योतिबा फुले, माता सावित्री बाई फुले के सम्मान का मामला हो... तमाम मांगों को मैं राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती के साथ रखने का प्रयास करूंगा।’’

राज्यसभा सदस्य राजेंद्र गहलोत ने कहा “ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में समुदाय की आबादी सबसे अधिक है। हमारी मांग है कि भारत सरकार की तरह राज्य सरकार भी राजस्थान में ओबीसी कोटा बढ़ाकर 27 फीसदी करे।’’

उन्होंने पिछले चार साल से रिक्त ओबीसी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त करने की भी मांग की।

इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री के पुत्र और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव गहलोत ने ज्योतिबा फुले और सावित्री फुले के सामाजिक योगदान की चर्चा की।

उन्होंने कहा, ‘‘माली समाज के आशीर्वाद से उनके पिता अशोक गहलोत को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला और उन्होंने (अशोक गहलोत ने) अपने तीनों कार्यकाल में इस बात का ध्यान रखा कि प्रदेश के गरीब, दलित और पिछडे लोगों को कैसे मुख्यधारा से जोड़ा जाये।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now