लातूर (महाराष्ट्र), 29 अप्रैल महाराष्ट्र के तटीय रत्नागिरी जिले के 25 वर्षीय एक व्यक्ति ने किसानों की आत्महत्या, पानी की कमी और प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग जैसे मुद्दों पर लोगों से बातचीत करने और इन विषयों पर जागरुकता बढ़ाने के लिए भारत के कुछ राज्यों में 1,800 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा शुरू की है।
रत्नागिरी के नरवन गांव निवासी आशुतोष जोशी ने 10 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर अपनी यात्रा शुरू की थी। स्थानीय नरवन समुद्र तट से शुरू हुआ उनका पैदल यात्रा अभियान ओडिशा के पुरी में समाप्त होगा। इस दौरान वह 1,850 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।
चिपलून (रत्नागिरी जिला), कोयना, पाटन, उमराज (सतारा जिला), सोलापुर, पंढरपुर (जिला सोलापुर) सहित कई जगहों से चलकर जोशी बृहस्पतिवार सुबह लातूर पहुंचे। वह ओडिशा जाने से पहले राज्य के नांदेड़, परभणी, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों से होते हुए अपनी यात्रा जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि रास्ते में वे किसानों की आत्महत्या, पानी की कमी, प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग, ग्लोबल वार्मिंग जैसे मुद्दों पर लोगों से बातचीत करते रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने इन मुद्दों के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए पैदल यात्रा करने का फैसला किया।”
चिपलून तहसील में स्कूली शिक्षा पूरी करने वाले जोशी ने बाद में मुंबई के दादर के मॉडल आर्ट इंस्टीट्यूट और पुणे के भारती विद्यापीठ से पढ़ाई की। बाद में वह इंग्लैंड चले गए और ललित कला में अपनी आगे की शिक्षा पूरी की। उसके बाद उन्होंने स्कॉटलैंड, स्पेन और इंग्लैंड में फोटोग्राफी और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के क्षेत्र में काम किया।
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