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बीजेपी सांसद डॉ. भागवत कराड ने लगाया आरोप, कहा- COVID-19 का आकड़ा छुपाने की कोशिश कर रही है महाराष्ट्र सरकार

राज्यसभा के सदस्य एवं बीजेपी नेता डॉ. भागवत कराड ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार जिले में कम जांच करके औरंगाबाद में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की असल तस्वीर छुपाने की कोशिश कर रही है. एक जिला अधिकारी ने बताया कि औरंगाबाद में शुक्रवार सुबह तक कोरोना वायरस संक्रमण के 2,524 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 1,363 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और 128 लोगों की मौत हो चुकी है.

बीजेपी सांसद डॉ. भागवत कराड ने लगाया आरोप, कहा- COVID-19 का आकड़ा छुपाने की कोशिश कर रही है महाराष्ट्र सरकार
बीजेपी (Photo Credits: IANS)

औरंगाबाद, 12 जून: राज्यसभा के सदस्य एवं बीजेपी नेता डॉ. भागवत कराड (Bhagwat Karad) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार जिले में कम जांच करके औरंगाबाद में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की असल तस्वीर छुपाने की कोशिश कर रही है. सांसद ने औरंगाबाद में संक्रमण के बारे में दावा किया कि जिले में जांच क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

उन्होंने कहा, "पहले एक व्यक्ति के संक्रमित पाए जाने पर कम से कम 80 से 90 संदिग्ध मरीजों की जांच की जाती थी. इस रणनीति ने औरंगाबाद में कोरोना वायरस मामलों को नियंत्रित करने में मदद की थी." कराड ने आरोप लगाया कि हालांकि जिले में जांच की पर्याप्त सुविधा है, लेकिन उसका पूरा इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

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उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार औरंगाबाद में कम जांच करके कोरोना वायरस के मामलों की असल संख्या छुपाने की कोशिश कर रही है. बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि जिले की पृथक-वास सुविधाओं का भी पूरी तरह इस्तेमाल नहीं किया गया था. उन्होंने कहा, "यदि प्रशासन का दावा है कि जिले में 7,000 से 9,000 लोगों को पृथक-वास केंद्रों में रखा जा सकता है, तो संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों को घर में पृथक-वास में क्यों रखा गया है?"

कराड ने कहा कि यदि बिना लक्षण वाले संक्रमित लोगों और संदिग्धों की आक्रामक तरीके से जांच की जाए और उन्हें केंद्रों में पृथक-वास में रखा जाए तो हालात काबू में किए जा सकते हैं. इस बीच, पूर्व मंत्री एवं औरंगाबाद से बीजेपी विधायक अतुल सावे ने कहा कि शहर के अस्पतालों को कोविड-19 के मरीजों के उपचार के लिए चिह्नित किया जाए.

सावे ने दावा किया कि मौजूदा स्वास्थ्य संकट के बीच औरंगाबाद में चिकित्सकों को दिया जा रहा वेतन मुंबई में उनके समकक्षों को दिए जा रहे वेतन से बहुत कम है. उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में चिकित्सकीय पेशेवरों का वेतन समान होना चाहिए, तभी और चिकित्सक इस वैश्विक महामारी के बीच काम करने के इच्छुक होंगे.

एक जिला अधिकारी ने बताया कि औरंगाबाद में शुक्रवार सुबह तक कोरोना वायरस संक्रमण के 2,524 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 1,363 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और 128 लोगों की मौत हो चुकी है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 12, 2020 10:49 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).