देश की खबरें | महाराष्ट्र: महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विधेयक पारित

मुंबई, 24 मार्च महाराष्ट्र विधानमंडल ने शक्ति अधिनियम के तहत महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष अदालतें गठित करने का प्रावधान करने वाला एक विधेयक बृहस्पतिवार को पारित कर दिया।

राज्य के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने महाराष्ट्र विशेष अदालत (शक्ति अधनियम के तहत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ विशेष अपराधों की सुनवाई के लिए)- 2020 शीर्षक से विधेयक को विधानमंडल के दोनों सदनों विधानसभा और विधान परिषद में पेश किया।

पाटिल ने विधानसभा में कहा, ‘‘यह विधेयक इस उद्देश्य से पेश किया गया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की सुनवाई में देरी नहीं हो...इस विधेयक के अनुसार ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों का गठन किया जा सकता है या मौजूदा अदालतों को स्थिति के अनुसार यह दर्जा दिया जा सकता है।’’

वहीं, विधान परिषद में विधेयक को पेश करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार पहले ही शक्ति विधेयक को मंजूरी दे चुकी है, लेकिन यह अब भी केंद्रीय गृह मंत्रालय के समक्ष लंबित है और अबतक राष्ट्रपति कार्यालय नहीं पहुंचा है। हालांकि, शक्ति अधिनियम के लागू हो जाने पर हमें प्रावधान और अवसंरचना की व्यवस्था करने की जरूरत होगी।’’

विधेयक में अन्य प्रावधानों के साथ-साथ सुनवाई के लिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति करने और मामले की जांच के लिए विशेष पुलिस टीम गठित करना भी शामिल है।

इस विधेयक को सदन में सबसे पहले 14 दिसंबर 2020 को पेश किया गया था और वहां से विधानमंडल की संयुक्त समिति को विचार करने के लिए भेज दिया गया था।

शक्ति आपराधिक कानून (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक, में महिलाओं के खिलाफ अपराध पर मृत्युदंड सहित कड़ी सजा के प्रावधान है और पिछले साल दिसंबर में विधानमंडल के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से इसे पारित किया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)