देश की खबरें | प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या, तीन गिरफ्तार
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प्रयागराज (उप्र), 15 अप्रैल गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार रात को अज्ञात हमलावरों ने उस समय गोली मारकर हत्या कर दी जब पुलिस दोनों को यहां एक मेडिकल कॉलेज लेकर जा रही थी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घटना के संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। महज दो दिन पहले ही झांसी में पुलिस मुठभेड़ में अहमद का बेटा असद मारा गया था।
गोलीबारी की घटना रात करीब 10 बजे की है जो कैमरे में दर्ज हो गई क्योंकि मेडिकल जांच के लिए पुलिस द्वारा दोनों को अस्पताल ले जाते समय मीडियाकर्मी उनके साथ चल रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, काल्विन अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा विभाग के सामने अतीक और अशरफ की तीन युवकों ने उस समय करीब से गोली मारकर हत्या कर दी, जब अतीक अहमद से पत्रकार कुछ सवाल कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार इसी दौरान तीन लड़के वहां पहुंचे और उन्होंने अतीक तथा अशरफ पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम लोग घटना की जांच कर रहे हैं। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। गिरफ्तार लोगों से अभी पूछताछ की जानी है।’’
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) करेली श्वेताभ पांडेय ने बताया कि अतीक और अशरफ को रूटीन जांच के लिए अस्पताल लाया गया था, तभी यह घटना हुई। उन्होंने यह भी बताया कि तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। हालांकि उन्होंने अन्य कोई ब्यौरा नहीं दिया।
पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर तीन पिस्तौल, एक मोटर साइकिल, एक वीडियो कैमरा और एक न्यूज चैनल का लोगो पड़ा मिला है। अंदेशा है कि तीनों हमलावर मीडियाकर्मी बनकर आये और घटना को अंजाम दिया। उन्होंने अपने गले में पहचान पत्र भी लटका रखे थे।
मौके पर पुलिस आयुक्त रमित शर्मा और जिलाधिकरी संजय कुमार खत्री सहित पुलिस के सभी आला अधिकारी पहुंच चुके हैं।
समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके पूर्व विधायक भाई अशरफ की हत्या पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, ‘‘उत्तर प्रदेश में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसी की हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐसा लगता है कि कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।’’
सनसनीखेज हत्या के बाद इलाके में तनाव है। अहमद एवं अशरफ के गोलियों से छलनी शवों को मौके से हटा लिया गया है।
अहमद और उसके भाई अशरफ को 2005 के उमेश पाल हत्याकांड के सिलसिले में सुनवाई के लिए यहां लाया गया था।
झांसी में 13 अप्रैल को अहमद का बेटा असद और उसका एक साथी पुलिस मुठभेड़ में मारे गये थे। दोनों के शव को शनिवार सुबह दफनाया गया।
राजेन्द्र आनन्द
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