देश की खबरें | मध्यप्रदेश सरकार एक माह में व्यापक जल नीति बनाएगी : चौहान

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार एक माह में प्रदेश की व्यापक जल नीति बनाएगी।

भोपाल, पांच जनवरी मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार एक माह में प्रदेश की व्यापक जल नीति बनाएगी।

चौहान ने देश में पहली बार जल-संरक्षण पर राज्यों के मंत्रियों के प्रथम अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन को भोपाल में संबोधित करते हुए यह बात कही। यह सम्मेलन केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आयोजित है और यह पांच-छह जनवरी को भोपाल में हो रहा है।

जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, राज्यों के मंत्रियों के इस पहले अखिल भारतीय वार्षिक सम्मेलन का विषय ‘2047: जल को लेकर दृष्टिकोण’ है।

चौहान ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश एक महीने के भीतर जल नीति बना रहा है जो व्यापक होगी और इसमें जल संरक्षण, जल उपलब्धता में वृद्धि, वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल का पुनर्चक्रण, प्रति बूंद अधिक फसल आदि जैसे विभिन्न पहलू शामिल होंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश में जल-जीवन मिशन में 50,000 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं, इससे 46 प्रतिशत घरों को नल से जल उपलब्ध कराना संभव होगा।’’

मुख्यमंत्री ने ‘2047: जल को लेकर दृष्टिकोण’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विचार-विमर्श के लिए भोपाल का चयन करने पर केंद्र शासन का आभार जताते हुए कहा कि भोपाल, जल-प्रबंधन का ऐतिहासिक रूप से अनूठा उदाहरण रहा है।

चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में जल-संरक्षण और उसके मितव्ययी उपयोग के लिए संवेदनशीलता के साथ गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 2003-04 तक सिंचाई क्षमता 7.50 लाख हेक्टेयर थी, जो अब बढ़ कर 43 लाख हेक्टेयर हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का है।’’

चौहान ने कहा कि जल के मितव्ययी उपयोग के लिए पाइप लाइन और ‘स्प्रिंकलर’ सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में वर्ष 2007 में जलाभिषेक अभियान आरंभ किया गया। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए सभी जिलों में जल संसद, जल सम्मेलन और गाँव में जल यात्राएँ हुई।

उन्होंने कहा कि जलाभिषेक अभियान में बड़ी संख्या में ‘चेक डैम’ एवं ‘स्टॉप डैम’ का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नदी कायाकल्प के कार्य को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा में नदी के दोनों ओर वृक्षारोपण को एक अभियान के रूप में लिया गया है।

चौहान ने सम्मेलन में आए केंद्र शासन तथा विभिन्न राज्यों के मंत्री गण को बताया कि प्रदेश में वृक्षारोपण, पानी बचाने, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पेड़ और पानी का आपस में संबंध है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने स्वयं प्रतिदिन पौधे लगाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प के अनुसार मैं प्रतिदिन तीन पौधे लगाता हूँ।’’

चौहान ने सम्मेलन में आए सभी प्रतिभागियों को 6 जनवरी को पौध-रोपण के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह पौध-रोपण पूरे देश को जल-संरक्षण का संदेश देगा और इस सम्मेलन की स्मृतियों को अक्षुण्ण रखेगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now