देश की खबरें | मंत्रिमंडल के दस्तावेज जमा करने में देरी पर दिल्ली के उपराज्यपाल ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र: सूत्र

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उपराज्यपाल कार्यालय ने दिल्ली मंत्रिमंडल के नोट, प्रस्तावों और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों के समय से नहीं भेजे जाने का हवाला देते हुए मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दो दिन पहले कामकाज संबंधी नियमावली के अनुपालन की मांग की है। उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, पांच अगस्त उपराज्यपाल कार्यालय ने दिल्ली मंत्रिमंडल के नोट, प्रस्तावों और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों के समय से नहीं भेजे जाने का हवाला देते हुए मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दो दिन पहले कामकाज संबंधी नियमावली के अनुपालन की मांग की है। उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

दिल्ली सरकार के सूत्रों ने कहा कि अरविंद केजरीवाल नीत सरकार उपराज्यपाल के साथ टकराव में शामिल नहीं होगी और ‘‘जन कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।’’

एक सरकारी सूत्र ने कहा, ‘‘उपराज्यपाल प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक की तरह काम कर रहे हैं। वह हमेशा लड़ते रहते हैं, छोटी-छोटी गलतियां ढूंढ रहे हैं। हम उनसे लड़ना नहीं चाहते हैं। सरकार लोक कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।’’

उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों के अनुसार अरविंद केजरीवाल नीत सरकार ने इस साल अप्रैल 2020 से 15 जुलाई तक अपनी बैठकों में जिन 234 प्रस्तावों पर विचार किया, उनमें से 79 प्रस्ताव उपराज्यपाल सचिवालय में मंत्रिमंडल की निर्धारित बैठक से एक दिन पहले प्राप्त हुए, 63 दस्तावेज बैठक के दिन और बैठक के बाद 40 दस्तावेज प्राप्त हुए।

एक सूत्र ने दावा किया, ‘‘यह स्पष्ट है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार के कामकाज संबंधी नियम, 1993 (टीओबीआर) का अनुपालन केवल 22 प्रतिशत मामलों में किया गया था, जबकि बिना किसी औचित्य के 78 प्रतिशत मामलों में इसका उल्लंघन किया गया।’’

उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्र ने कहा, ‘‘उपराज्यपाल सचिवालय ने मुख्य सचिव, जो कि कैबिनेट के सचिव भी हैं, को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर गौर करने और टीओबीआर के वैधानिक प्रावधानों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा है।’’ उन्होंने कहा कि नोट की एक प्रति मुख्यमंत्री के सचिव को भी भेज दी गई है।

सूत्र ने कहा, ‘‘नोट में पाया गया है कि टीओबीआर के ऐसे उल्लंघन के लिए बिना कोई वजह बताए इस तरह के ज्ञापन, प्रस्ताव, कैबिनेट नोट मंत्रिमंडल की निर्धारित बैठक से ठीक पहले या इस तरह की बैठकों के समापन के बाद भी प्राप्त होते हैं।’’

ऐसे कई उदाहरण भी हैं, जहां ऐसे प्रस्ताव और कैबिनेट नोट सीधे मंत्रिमंडल के सामने रखे गए थे और उसकी एक प्रति उपराज्यपाल सचिवालय को बिल्कुल भी उपलब्ध नहीं कराई गई।

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