ताजा खबरें | लोकसभा ने चार्टर्ड एकाउंटेंट, लागत एवं संकर्म लेखापाल तथा कंपनी सचिव संशोधन विधेयक को मंजूरी दी
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि सरकार का चार्टर्ड एकाउंटेंट, लागत एवं संकर्म लेखापाल तथा कंपनी सचिव से संबंधित तीनों संस्थानों के कामकाज में हस्तक्षेप करने या इन्हें कमतर करने का कोई इरादा नहीं है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव है।
नयी दिल्ली, 30 मार्च वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि सरकार का चार्टर्ड एकाउंटेंट, लागत एवं संकर्म लेखापाल तथा कंपनी सचिव से संबंधित तीनों संस्थानों के कामकाज में हस्तक्षेप करने या इन्हें कमतर करने का कोई इरादा नहीं है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव है।
लोकसभा में ‘चार्टर्ड एकाउंटेंट, लागत एवं संकर्म लेखापाल और कम्पनी सचिव (संशोधन) विधेयक, 2021’ पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि चार्टर्ड एकाउंटेंट, लागत एवं संकर्म लेखापाल तथा कंपनी सचिव से संबंधित संस्थान अलग-अलग काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि इन तीनों संस्थानों के संचालन के संबंध में एक विधान लाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और वे पृथक कानूनों के तहत कामकाज करते रहेंगे।
मंत्री ने कहा कि यह संशोधन लाने के लिये एक विधेयक लाया गया ताकि समन्वय बना रहे। सीतारमण ने कहा कि किसी भी वित्तीय घोषणा की
शुचिता महत्वपूर्ण होती है और इसी को ध्यान में रखते हुए संशोधन लाए गए हैं ताकि वृहद पारदर्शिता एवं जवाबदेही लाई जा सके।
इन संस्थानों के कामकाज में हस्तक्षेप करने के प्रयास से संबंधित विपक्षी सदस्यों के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का इन तीनों संस्थानों के कामकाज में हस्तक्षेप करने या इन्हें कमतर करने का कोई इरादा नहीं है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव है।
उन्होंने कहा कि ये संस्थान पहले की तरह काम करते रहेंगे। शुल्क के विषय पर भी ये पहले की तरह कामकाज करते रहेंगे।
सीतारमण ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका सहित दुनिया के कई देशों में इस क्षेत्र में अच्छे काम हुए हैं। उन्होंने कहा कि हम इन अच्छे अनुभवों की तर्ज पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही लाना चाहते हैं।
मंत्री के जवाब के बाद सदन ने कुछ विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को अस्वीकार करते हुए ‘चार्टर्ड एकाउंटेंट, लागत एवं संकर्म लेखापाल और कम्पनी सचिव (संशोधन) विधेयक, 2021’ को मंजूरी दे दी।
मंगलवार को विधेयक पर सदन में हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस और द्रमुक सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों ने चार्टर्ड एकाउंटेंट, संकर्म लेखापाल और कम्पनी सचिव से संबंधित व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत बताते हुए सरकार पर आरोप लगाया था कि इनके अनुशासन तंत्र को सुदृढ़ करने के नाम पर सरकारी हस्तक्षेप बढ़ाने और संस्थानों के स्वतंत्र कामकाज को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस विधेयक के माध्यम से चार्टर्ड एकाउंटेंट्स अधिनियम 1949, लागत एवं संकर्म लेखापाल अधिनियम, 1959 तथा कम्पनी सचिव अधिनियम, 1980 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है।
इसमें अनुशासन निदेशालयों की शिकायतों एवं सूचना संबंधी क्षमताओं को बढ़ाकर अनुशासन तंत्र को सुदृढ़ करने तथा संस्थानों के सदस्यों के विरूद्ध मामलों के त्वरित निपटान के लिये समय-सीमा निर्धारित करने का उपबंध किया गया है।
इसके तहत संस्थानों के प्रशासनिक एवं अनुशासनिक भागों के बीच हितों के द्वंद्व से निपटने संबंधी प्रावधान भी किया गया है। इसमें शुल्क को नियत करने के लिये संबंधित संस्थाओं की परिषदों को स्वायत्तता का उपबंध करने की बात कही गई है।
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