देश की खबरें | लाइव टीवी प्रसारण ने नेपाल दंपति को अपने घायल बेटे से मिलने में मदद पहुंचायी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा के एक अस्पताल से प्रसारित किये गये एक नेपाली दंपति के साक्षात्कार से उन्हें अपने नाबालिग बेटे से मिलने में मदद मिली जो दो जून को राज्य में हुए ट्रेन हादसे में घायल हो गया था और किसी अन्य अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
कटक (ओडिशा), सात जून ओडिशा के एक अस्पताल से प्रसारित किये गये एक नेपाली दंपति के साक्षात्कार से उन्हें अपने नाबालिग बेटे से मिलने में मदद मिली जो दो जून को राज्य में हुए ट्रेन हादसे में घायल हो गया था और किसी अन्य अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था।
पंद्रह वर्षीय रामानंद पासवान का यहां एक अस्पताल के आइसीयू में इलाज चल रहा था। वहां उसने टेलीविजन पर एक खबरिया चैनल पर अपने माता-पिता को देखा और फिर उसने प्रशासन को यह सूचना दी।
एक अधिकारी ने बताया कि फिर उस अस्पताल ने इस किशोर को उसके माता-पिता से मिलवाया जो हादसे की खबर सुनने के बाद उसकी तलाश में नेपाल से आये थे। रामांनद ट्रेन हादसे में घायल हो गया था। इस हादसे में 288 लोगों की जान चली गयी।
रामानंद के पिता हरि पासवान ने कहा, ‘‘अपने बेटे को पाकर मैं बहुत खुश हूं। वह हमारे तीन रिश्तेदारों के साथ यात्रा कर रहा था। सभी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। लेकिन वह चमत्कारिक ढंग से बच गया। बस उसे चोट आयी।’’
भुवनेश्वर पहुंचने के बाद हरि और उनकी पत्नी अपने बेटे की खोज में अस्पताल-दर-अस्पताल भटक रहे थे। जब वे एम्स भुवनेश्वर में थे तब उनकी मुलाकात एक स्थानीय टीवी चैनल के पत्रकार से हुई जिसने उनकी पीड़ा सभी के सामने रखी।
रामानंद ने अस्पताल के अपने कक्ष में टीवी पर अपने माता-पिता को देखा और उसने उसके बारे में अस्पताल के अधिकारियों को बताया।
एससीबी मेडिकल कॉलेज के आपात अधिकारी डॉ बी एन मोहराणा ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘अस्पताल ने टीवी चैनल के कार्यालय में फोन किया , वीडियो मंगवाया और फिर रामानंद से उसके माता-पिता के बारे में इस वीडियो की पुष्टि करवायी गयी। उसके बाद अस्पताल प्रशासन रामानंद को उसके माता-पिता से मिलवाने में सफल रहा।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)