इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप 'नेटब्लॉक्स' के अनुसार, ईरान में जारी इंटरनेट शटडाउन ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया है. 5 अप्रैल, 2026 तक ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट को लगातार 37 दिन पूरे हो चुके हैं.अमेरिका और ईरान को सौंपा गया 45 दिनों के युद्धविराम का ड्राफ्ट: रिपोर्ट
होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं भारत के आठ एलपीजी टैंकर: रॉयटर्स
आर्टेमिस 2 मिशन: 50 साल बाद चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंचे इंसान
ईरान में दुनिया का सबसे लंबा इंटरनेट ब्लैकआउट, 37 दिनों से इंटरनेट बंद
नेतन्याहू ने कहा, अमेरिकी पायलट को बचाने में इस्राएल ने मदद की
नेपाल में ईंधन संकट के चलते अब हफ्ते में दो दिन मिलेगी छुट्टी
होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं भारत के आठ एलपीजी टैंकर: रॉयटर्स
भारतीय झंडे वाले दो और एलपीजी टैंकर खाड़ी क्षेत्र से निकलकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एलएसईजी और क्पलर के डेटा के हवाले से यह जानकारी दी है. डेटा के मुताबिक, ग्रीन आशा और ग्रीन सानवी नामक ये टैंकर खाड़ी क्षेत्र को पार कर चुके हैं और फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में मौजूद हैं. इनके अलावा, एक तीसरा जहाज जग विक्रम अभी होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अब तक भारतीय झंडे वाले आठ एलपीजी टैंकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुके हैं. इनमें से छह भारत पहुंच चुके हैं और दो अभी रास्ते में हैं. भारत होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फंसे अपने एलपीजी टैंकरों को धीरे-धीरे वहां से निकाल रहा है.
28 फरवरी को इस्राएल और अमेरिका के हमले के बाद, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को काफी हद तक बंद कर दिया है. ईरान का कहना है कि सिर्फ “गैर-दुश्मन जहाज” ही ईरानी अधिकारियों की मदद से होर्मुज स्ट्रेट को पार कर सकते हैं. भारत और चीन समेत कई देशों के जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं, लेकिन युद्ध से पहले की तुलना में होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या अभी भी काफी कम है.
अमेरिका और ईरान को सौंपा गया 45 दिनों के युद्धविराम का ड्राफ्ट: रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान को एकयुद्धविराम प्रस्ताव सौंपा गया है, जिसमें 45 दिनों के लिए लड़ाई रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अपील की गई है. समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, यह प्रस्ताव मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के मध्यस्थों द्वारा तैयार किया गया है. इसे रविवार देर रात ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची और अमेरिकी मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया है.
फिलहाल, दोनों देशों की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि, रॉयटर्स के अनुसार एक अज्ञात ईरानी अधिकारी ने संकेत दिया है कि ईरान अस्थायी युद्धविराम के हिस्से के रूप में जलडमरूमध्य को खोलने के पक्ष में नहीं है. साथ ही, ईरान ने इस प्रस्ताव की समीक्षा के लिए किसी भी तरह की समय सीमा को मानने से इनकार कर दिया है.
यह शांति प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को मंगलवार तक की नई मोहलत दी है. डॉनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने तय समय तक होर्मुज जलमार्ग को नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बड़े हमले शुरू कर देगा.
अरुणाचल प्रदेश: सीएम के रिश्तेदारों को सरकारी ठेके देने के आरोपों की होगी सीबीआई जांच
अरुणाचल प्रदेश की सरकार पर आरोप लगे हैं कि उसने मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार के सदस्यों की कंपनियों को करोड़ों रुपये के सरकारी ठेके दिए. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 6 अप्रैल को इन आरोपों की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने आदेश दिया है कि सीबीआई को दो हफ्तों में अपनी जांच शुरू करनी होगी और 16 हफ्तों के अंदर अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करनी होगी.
कानूनी खबरों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट ने कहा है कि जनवरी 2015 से दिसंबर 2025 के दौरान दिए गए सरकारी ठेके सीबीआई जांच के दायरे में आएंगे. जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की बेंच ने राज्य सरकार को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि सरकारी ठेकों से जुड़ा कोई भी रिकॉर्ड नष्ट नहीं होना चाहिए.
इस मामले में एक एनजीओ ने जनहित याचिका दायर कर जांच की मांग की थी. याचिकाकर्ता ने सीएम पेमा खांडू पर आरोप लगाया था कि वे राज्य को एक निजी कंपनी की तरह चला रहे हैं. याचिका में आरोप लगाया गया है कि पेमा खांडू की पत्नी, मां और भतीजे की कंपनियों को सरकारी ठेके दिए गए. याचिकाकर्ता के मुताबिक, सीएम के रिश्तेदारों को करीब 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके अवैध रूप से दिए गए.
आर्टेमिस 2 मिशन: 50 साल बाद चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंचे इंसान
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन सोमवार को एक बड़े मील के पत्थर पर पहुंच गया है. अंतरिक्ष यान 'ओरियन' अब चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण प्रभाव क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है. इसका मतलब है कि अब इस कैप्सूल के लिए पृथ्वी की तुलना में चंद्रमा का खिंचाव अधिक शक्तिशाली है. 1972 के बाद यह पहली बार है जब कोई मानवयुक्त यान चंद्रमा के इतने करीब पहुंचा है. वर्तमान में ओरियन चंद्रमा से लगभग 63,000 किलोमीटर और पृथ्वी से लगभग 3,73,000 किलोमीटर की दूरी पर है.
अगले कुछ घंटों में यह यान चंद्रमा के सबसे निकटतम बिंदु (लगभग 7,500 किलोमीटर दूर) से गुजरेगा. इस दौरान अंतरिक्ष यात्री एक अद्भुत नजारा देखेंगे, जहां वे एक ही फ्रेम में पृथ्वी और चंद्रमा को एक साथ देख सकेंगे. यह मिशन 'फिगर ऑफ एट' (8 के अंक) जैसा रास्ता तय कर रहा है, जो अंतरिक्ष यात्रियों को इतिहास में किसी भी इंसान की तुलना में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी तक ले जाएगा.
इस मिशन का नेतृत्व चार अंतरिक्ष यात्री कर रहे हैं. अमेरिकी चालक दल में विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और रीड वाइसमैन शामिल हैं. जबकि जेरेमी हैनसन कनाडा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.आर्टेमिस-2 की यह सफलता भविष्य के 'आर्टेमिस-3' मिशन के लिए रास्ता साफ करेगी, जिसका लक्ष्य इंसानों को फिर से चंद्रमा की सतह पर उतारना है.
ईरान युद्ध के चलते भारत में गाड़ियों की आपूर्ति भी हो सकती है प्रभावित
भारत के ऑटोडीलरों ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते कच्चे माल की कीमतें बढ़ गई हैं और इस वजह से वाहनों की आपूर्ति में बाधा आ सकती हैं. युद्ध की वजह से तेल और गैस के दाम बढ़ गए हैं, जिससे ऑटो सप्लाई चेन में ईंधन और लॉजिस्टिक का खर्च बढ़ गया है. इसके अलावा, गाड़ियां बनाने में मुख्य तौर पर इस्तेमाल होने वाली धातुओं जैसे एल्युमीनियम, कॉपर और स्टील के भी दाम बढ़ गए हैं.
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के एक सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा डीलरों ने माना कि उन्हें जारी संघर्ष के चलते आपूर्ति में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है. करीब 17 फीसदी डीलरों ने कहा कि उन्होंने तीन हफ्ते या उससे भी ज्यादा देरी का सामना किया. करीब 35 फीसदी डीलरों को लगता है कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतें उपभोक्ताओं के वाहन खरीदने के फैसलों को प्रभावित करेंगी.
एसोसिएशन के मुताबिक, पिछला वित्त वर्ष वाहनों की बिक्री के लिहाज से काफी अच्छा रहा है. इस दौरान वाहनों की बिक्री में करीब 13.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई. मार्च 2026 में ही यात्री वाहनों की बिक्री करीब 21 फीसदी बढ़ी और वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री करीब 15 फीसदी बढ़ गई.
सर्बिया और हंगरी ने कहा, रूसी गैस पाइपलाइन के पास मिले विस्फोटक
सर्बिया और हंगरी के नेताओं ने रविवार को खुलासा किया कि सर्बिया के उत्तरी हिस्से में मौजूद एक रूसी गैस पाइपलाइन के पास शक्तिशाली विस्फोटक बरामद किए गए हैं. सर्बियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच के अनुसार, ये विस्फोटक बाल्कन स्ट्रीम पाइपलाइन से मात्र कुछ सौ मीटर की दूरी पर डेटोनेटर के साथ दो बड़े पैकेटों में पाए गए.
इस पाइपलाइन के जरिए तुर्की और बुल्गारिया के रास्ते रूसी गैस हंगरी तक पहुंचाई जाती है, जो पूरे क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत रक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई. बैठक के बाद उन्होंने स्पष्ट रूप से इसे 'सुनियोजित कार्रवाई' करार दिया. हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर किसी पर आरोप नहीं लगाया, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि यूक्रेन लंबे समय से यूरोप को रूसी ऊर्जा आपूर्ति से काटने की कोशिश करता रहा है. वहीं, यूक्रेन ने इस घटना में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से साफ इनकार किया है.
इस घटना ने यूरोप में पहले से ही जारी ऊर्जा संकट और युद्ध के तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है. वर्तमान में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन शक्तिशाली विस्फोटकों को वहां किसने और किस मकसद से रखा था.
ईरान में दुनिया का सबसे लंबा इंटरनेट ब्लैकआउट, 37 दिनों से इंटरनेट बंद
इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप 'नेटब्लॉक्स' के अनुसार, ईरान में जारी इंटरनेट शटडाउन ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया है. रविवार (5 अप्रैल 2026) तक ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट को लगातार 37 दिन पूरे हो चुके हैं. यह किसी भी देश में अब तक का सबसे लंबा राष्ट्र-स्तरीय इंटरनेट शटडाउन है, जो अपनी गंभीरता और व्यापकता के मामले में दुनिया के अन्य सभी समान मामलों से कहीं अधिक है.
ईरान में इंटरनेट सेवाओं को 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इस्राएल के साथ युद्ध शुरू होने के साथ ही पूरी तरह बंद कर दिया गया था. तब से देश की आम जनता की वैश्विक इंटरनेट तक पहुंच खत्म हो गई है. केवल कुछ मुट्ठी भर अधिकृत लोगों को ही इंटरनेट इस्तेमाल की अनुमति है. यद्यपि कुछ लोग वीपीएन या स्टारलिंक के जरिए इस पाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ईरानी प्रशासन ने ऐसा करने वालों के लिए जेल की सजा का कड़ा प्रावधान कर रखा है.
नेटब्लॉक्स ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि हालांकि कुछ देशों में लंबे समय तक रुक-रुक कर या क्षेत्रीय स्तर पर इंटरनेट बंद रहा है, लेकिन पूरे देश में एक साथ इतने लंबे समय तक पूर्ण ब्लैकआउट अभूतपूर्व है. उत्तर कोरिया जैसे देश भले ही वैश्विक इंटरनेट से कभी नहीं जुड़े, लेकिन एक आधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी वाले देश में 37 दिनों का यह शटडाउन संचार, शिक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित हो रहा है.
यूक्रेन और सीरिया के बीच सुरक्षा सहयोग पर बनी सहमति
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रविवार को सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की घोषणा की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन और सीरिया नए संबंध और अवसर विकसित कर रहे हैं. इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों का विस्तार करना है, जो दोनों देशों के वर्तमान हालातों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.
ईरान युद्ध में जेलेंस्की भेजेंगे मदद, लेकिन इन शर्तों पर
जेलेंस्की की दमिश्क यात्रा उनके मध्य पूर्व दौरे का हिस्सा है. इससे ठीक एक दिन पहले उन्होंने इस्तांबुल में तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोवान से मुलाकात की थी, जहां तुर्की और यूक्रेन के बीच सुरक्षा सहयोग के नए कदमों पर चर्चा की गई थी. अब सीरिया के साथ हाथ मिलाकर यूक्रेन इस क्षेत्र में अपनी सैन्य भूमिका और रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करना चाहता है.
इस दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य यूक्रेन की उस सैन्य विशेषज्ञता को बढ़ावा देना है, जो उसने रूस के साथ पिछले चार वर्षों से जारी युद्ध के दौरान हासिल की है. यूक्रेन के पास ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों के हमलों को विफल करने का व्यापक अनुभव है. चूंकि वर्तमान में सीरिया और आसपास के क्षेत्र ईरानी खतरों का सामना कर रहे हैं, इसलिए जेलेंस्की अपनी एंटी-ड्रोन और मिसाइल डिफेंस तकनीकों को साझा कर मित्र देशों की सुरक्षा में योगदान देना चाहते हैं.
ईरान ने इस्राएल, कुवैत और यूएई पर किए मिसाइल और ड्रोन हमले
ईरान ने चेतावनी जारी करने के कुछ ही घंटों बाद सोमवार तड़के इस्राएल, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर मिसाइलों और ड्रोनों से नए सिरे से हमले किए हैं. कुवैत की सेना ने बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने सुबह कई मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया, जबकि इस्राएली सेना ने भी ईरान से दागी गई मिसाइलों की पहचान कर उन्हें इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है. हालांकि, इन हमलों में अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.
अमेरिका ने बताया, मिल गया ईरान में गुम हुआ F-15 का क्रू मेंबर
अबू धाबी में एक इंटरसेप्टेड मिसाइल का मलबा एक औद्योगिक इकाई पर गिरा, जिसकी चपेट में आने से घाना का एक नागरिक घायल हो गया है. अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है. इन हमलों ने पूरे मध्य पूर्व में एक बार फिर से सुरक्षा को लेकर भारी तनाव पैदा कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट और गहरा गया है.
ईरान की यह आक्रामक कार्रवाई राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की उस हालिया धमकी के जवाब में देखी जा रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो अमेरिका उसके नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देगा. इसके जवाब में ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ने पहले ही "विनाशकारी और व्यापक" जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी.
ईरान युद्ध: मूडीज ने भारत की विकास दर का अनुमान घटाकर छह फीसदी किया
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर के अनुमान को 6.8 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया है. मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि अमेरिका-इस्राएल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में जो अस्थिरता आई है, वह भारत की आर्थिक गति को धीमा कर देगी और महंगाई के जोखिम को बढ़ाएगी.
भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी है, जिसे 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने प्रभावी रूप से बंद कर रखा है. दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत अपनी तेल और एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आयात करता है. आपूर्ति में इस बाधा की वजह से कच्चे माल की लागत और ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार सुस्त पड़ गई है.
रेटिंग एजेंसी ने चेतावनी दी है कि ईंधन की ऊंची कीमतों के कारण आम जनता की खरीदारी की क्षमता भी प्रभावित हुई है. इसके अलावा, बाजार में अनिश्चितता के चलते नए निवेश और पूंजी निर्माण की गति भी कमजोर पड़ रही है. मूडीज का मानना है कि यदि मध्य पूर्व का यह सैन्य संघर्ष लंबे समय तक खिंचता है, तो भारत को मुद्रास्फीति के और भी कड़े दबाव का सामना करना पड़ सकता है.
नेपाल में ईंधन संकट के चलते अब हफ्ते में दो दिन मिलेगी छुट्टी
नेपाल ने घोषणा की है कि अब सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में हफ्ते में छह की बजाय पांच दिन ही काम होगा. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, इन कार्यालयों में अब तक सिर्फ शनिवार को ही छुट्टी रहती थी. लेकिन अब ये रविवार को भी बंद रहेंगे. पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से पैदा हुए ऊर्जा संकट से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है.
नेपाल सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने कहा कि ईंधन आपूर्ति में आई दिक्कतों को देखते हुए, सरकारी और शैक्षणिक संस्थान अब हफ्ते में दो दिन बंद रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पेट्रोल और डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए कानूनी उपायों पर भी विचार कर रही है.
तीन करोड़ की आबादी वाला नेपाल जीवाश्म ईंधन की आपूर्ति के लिए लगभग पूरी तरह से भारत पर निर्भर है. मौजूदा संकट के चलते, नेपाल में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी की गई है, इसके बावजूद नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन को नुकसान सहना पड़ रहा है. इसके अलावा, नेपाल में एविएशन फ्यूल की कीमत लगभग दोगुनी कर दी गई है.
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नेतन्याहू ने कहा, अमेरिकी पायलट को बचाने में इस्राएल ने मदद की
इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने संकेत दिया है कि ईरान में मार गिराए गए अमेरिकी लड़ाकू विमान के पायलट को सुरक्षित बचाने के मिशन में इस्राएल ने अमेरिका की महत्वपूर्ण सहायता की है. सोमवार तड़के एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को उनके साहसिक निर्णय और दुश्मन के इलाके से पायलट को निकालने के लिए पूरी तरह से सफल अमेरिकी मिशन पर बधाई दी.
नेतन्याहू ने इस बचाव अभियान को दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा संबंधों को प्रमाण के रूप में पेश किया. उन्होंने लिखा, "मुझे इस बात पर गहरा गर्व है कि युद्ध के मैदान में और उससे इतर हमारा सहयोग अभूतपूर्व है. मुझे खुशी है कि एक बहादुर अमेरिकी योद्धा की जान बचाने में इस्राएल अपना योगदान दे सका."
गुमशुदा पायलट की तलाश के लिए ईरान और अमेरिका की होड़
हालांकि, नेतन्याहू ने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी कि इस्राएल ने किस प्रकार की सहायता प्रदान की लेकिन उनका बयान ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका और इस्राएल के बीच बढ़ते सैन्य समन्वय को दर्शाता है. पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी एयरमैन के लापता होने की खबरें अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई थीं. ट्रंप प्रशासन ने अभी तक इस मिशन में इस्राएल की भूमिका पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है.













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